तमिलनाडु के मदुरै जिले से एक अनोखी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। चिन्नापूलमबट्टी इलाके में रहने वाले थंगावेलु (56) ने जब अपनी पत्नी का नाम राशन कार्ड में जोड़वाने के लिए ई-राशन कार्ड डाउनलोड किया, तो उन्हें अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ। कार्ड पर पत्नी की फोटो के बजाय शराब की बोतल की तस्वीर दिखाई दे रही थी।
राशन कार्ड देख परिवार हुआ दंग
थंगावेलु ने बताया कि उन्होंने अपनी विवाहित बेटी का नाम राशन कार्ड से हटवाया और तमिलनाडु निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड योजना के तहत अपनी पत्नी को लाभार्थी बनवाने के लिए कार्ड अपडेट कराया। लेकिन जब उन्होंने नया ई-राशन कार्ड डाउनलोड किया, तो कार्ड पर पत्नी की जगह शराब की बोतल की फोटो देख परिवार के सभी सदस्य सकते में आ गए। इस तस्वीर को देखकर पूरा परिवार बेहद हैरान हुआ और उन्होंने तुरंत इस मामले की शिकायत स्थानीय नागरिक आपूर्ति विभाग में दर्ज कराई।
अधिकारियों का बयान और जांच
नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह समस्या केवल ई-राशन कार्ड में ही देखी जा रही है, जबकि राशन कार्ड की हार्ड कॉपी में पत्नी की सही फोटो लगी हुई है। उन्होंने कहा कि यह तकनीकी त्रुटि है और इसकी जांच शुरू कर दी गई है। विभाग का दावा है कि जल्द ही इस तकनीकी गड़बड़ी को ठीक किया जाएगा ताकि भविष्य में किसी को भी ऐसी समस्या न हो।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
इस ई-राशन कार्ड की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग इस पर तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं। कई लोग इसे प्रशासनिक चूक मान रहे हैं, तो कुछ इसे सिस्टम की बड़ी भूल बता रहे हैं। इस वायरल तस्वीर ने अधिकारियों की भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि राशन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ में इस प्रकार की गलती आम लोगों के विश्वास को कमजोर कर सकती है।
पुरानी गड़बड़ी का पता चला
स्थानीय अधिकारियों ने जांच के दौरान यह भी पाया कि 2018 में भी कुछ मामलों में ई-राशन कार्ड में गलत तस्वीरें जुड़ी थीं, जिनमें शराब की बोतल की तस्वीर लगी हुई थी। यह बताता है कि इस समस्या का समाधान अभी तक पूरी तरह नहीं किया गया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस बार जल्द से जल्द तकनीकी सुधार कर इस गलती को दूर किया जाएगा।
राशन कार्ड की महत्ता और तकनीकी सुधार की जरूरत
राशन कार्ड देश में गरीब परिवारों को सब्सिडी और योजनाओं का लाभ दिलाने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसी तकनीकी गलतियां लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ई-गवर्नेंस के इस युग में डिजिटल दस्तावेजों में त्रुटियों को रोकने के लिए बेहतर तकनीकी निगरानी और समय-समय पर सिस्टम की समीक्षा जरूरी है। ताकि आम जनता का भरोसा बनाए रखा जा सके और सरकारी सेवाएं सही तरीके से मिल सकें।