नई दिल्ली: 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के हादसे को लेकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आ चुकी है। इस रिपोर्ट ने तकनीकी और ऑपरेशनल दृष्टिकोण से कुछ अहम जानकारियां दी हैं, लेकिन इसके साथ ही कई बड़े सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
वजन और फ्यूल पूरी तरह से मानकों के अनुरूप
रिपोर्ट के अनुसार: टेक-ऑफ के समय विमान में 54,200 किलोग्राम ईंधन भरा गया था। विमान का कुल टेक-ऑफ वजन 2,13,401 किलोग्राम था। जबकि अधिकतम अनुमत वजन 2,18,183 किलोग्राम होता है। इसका सीधा अर्थ यह है कि विमान का लोडिंग और फ्यूलिंग पूरी तरह से नियमों और सीमाओं के भीतर थी। साथ ही, रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि: विमान में कोई भी खतरनाक वस्तु (Dangerous Goods) लोड नहीं की गई थी। मौसम भी पूरी तरह अनुकूल था और पक्षी टकराव या किसी sabotage के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
फिर भी उड़ान के 30 सेकंड में क्यों हुआ क्रैश?
यही वह सवाल है जिसने सभी को चौंका दिया है। टेक-ऑफ के महज 30 सेकंड के भीतर इंजन फेल होना और विमान का तेजी से नीचे गिर जाना, उस स्थिति में और भी रहस्यमय हो जाता है जब विमान की लोडिंग, फ्यूल, मौसम और अन्य पहलू पूरी तरह नियंत्रित थे। इस क्रैश की जड़ें अब इंजन फ्यूल सप्लाई रुकने और फ्यूल कटऑफ स्विच के स्वत: बंद हो जाने की घटना से जुड़ती दिखाई दे रही हैं — जिसकी कोई स्पष्ट वजह अभी तक सामने नहीं आई है।
अब तक क्या-क्या साफ हुआ?
-वजन और फ्यूल में कोई समस्या नहीं थी।
-पायलट अनुभवी और स्वस्थ थे।
-कोई तकनीकी चेतावनी पहले से नहीं मिली थी।
-दोनों इंजन अचानक एक-एक सेकंड के अंतराल में बंद हो गए।