सिर्फ फिल्मी गाने नहीं, गरबा की थाप और डायरो की महफिल में बसता है गुजरात का असली संगीत; सुनते ही झूम उठेंगे आप

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गुजराती म्यूजिक के नाम पर सिर्फ दीपिका पादुकोण की फिल्म राम-लीला के गाने ही जानते हैं, तो हो सकता है आपने गुजरात का असली संगीत कभी सुना ही नहीं है। यहां के लोकगीतों में शादी-ब्याह के मौकों से लेकर गरबा में देवी आराधना और प्रेम आदि का भी जिक्र मिलता है।

गुजरात के लोकगीतों में यहां की संस्कृित की झलक देखने को मिलती है। स्थानीय बोलियों और संगीत पर बने यहां के लोकगीत सुनते ही आपका मन भी नाच उठने को करेगा। आइए जानें गुजरात का लोक संगीत असल में कैसा है।

गरबा और रास

 जिसे नवरात्रि के दिनों में मां अंबा की अराधना के लिए गाया जाता है। इसमें तालियों, मंजीरों और ढोल की थाप पर भक्ति और ऊर्जा से भरपूर गीत गाए जाते हैं। फाल्गुनी पाठक और आदित्य गढ़वी जैसे कई गायकों ने गरबा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने में अहम योगदान निभाया है।

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