बच्चों को आंदोलन में धकेलना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध: योगगुरु रामदेव
योगगुरु स्वामी रामदेव ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल सड़कों और संसद में हंगामा व अराजकता फैलाकर लोकतंत्र को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
स्वामी रामदेव ने आंदोलन में छोटे बच्चों को आगे किए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि पांच-दस साल के बच्चों को आंदोलन में धकेलना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
यदि छात्रों, किसानों, जवानों या किसी भी वर्ग के साथ हुए अन्याय के विरुद्ध आवाज उठानी है तो 18 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करें। राजनीतिक स्वार्थ के लिए देशहित से समझौता नहीं किया जा सकता और देश का मतदाता इतना समझदार है कि उसे किसे चुनना है, इसका फैसला वही करेगा।
समाज में जाति और वर्ग के नाम पर नफरत फैलाना गलत
स्वामी रामदेव ने कहा कि समाज में जाति और वर्ग के नाम पर नफरत फैलाना भी गलत है। ब्राह्मणों को अपमानित करना हो या किसी अन्य समाज को गाली देना, यह संविधान और लोकतंत्र दोनों की भावना के विरुद्ध है। संन्यासियों को गाली देना भी आजकल फैशन बन गया है, लेकिन समाज को बांटने की ऐसी कोशिशें सफल नहीं होने दी जाएंगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

