पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पिछले 15 दिन से प्रदर्शन हो रहे है। 70 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी पाकिस्तानी सेना को क्षेत्र से बाहर जाने को कह रहे हैं। इस आंदोलन में युवा सबसे आगे है और अब स्कूली बच्चे और महिलाएं भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं।
ये प्रदर्शनकारी आजादी की मांग कर रहे हैं और पाकिस्तान के अवैध कब्जे को खत्म करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। रावलकोट के ईदगाह मैदान में चल रहे इस प्रदर्शन में कई स्कूली बच्चों को बैठे देखा गया, जो अपने हाथ में पोस्टर-बैनर लेकर बैठे हैं और इस पर लिखा है- पाकिस्तानी सेना बाहर जाओ।
पोस्टर में लिखा- पाक सेना मार रही है
कई पोस्टरों में प्रदर्शनकारी गुलाम कश्मीर की वास्तविकता बयां कर रहे है। किसी पोस्टर पर लिखा है- पाकिस्तानी सेना कश्मीरियों को मार रही है। किसी पर लिखा है- कश्मीर पर पाकिस्तानी हमला। कई लोग बुनियादी अधिकार और मुफ्त शिक्षा के पोस्टर लिए बैठे हैं।
कुछ पोस्टरों पर लिखा है कि खाने-पीने की चीजें रोक दी गई हैं और इंटरनेट बंद कर दिया गया है। वहीं कुछ पोस्टर पर अपील लिखकर यूनाइटेड नेशंस से मदद मांगी गई है। इन प्रदर्शनों के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं।
बच्चे भी कर रहे प्रदर्शन
10 से 12 साल के बच्चों का प्रदर्शन करना यह बताने के लिए काफी है कि गुलाम कश्मीर में पाकिस्तान ने जुल्म की इंतहा कर दी है। यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ रावलकोट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह गुलाम कश्मीर के कई कस्बों और गांवों तक पहुंच गया है।
प्रदर्शनकारी खुलेआम कह रहे हैं कि अगर पाकिस्तान की सेना अपना दमन जारी रखती है, तो पूरे सैन्य तंत्र को PoK से बाहर खदेड़ दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सरकार को 38 मांगों वाला एक चार्टर सौंपा है और इसे मानने के लिए 23 जून की डेडलाइन दी है।
बता दें कि 5 जून से पूरे गुलाम कश्मीर में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। 14 जून से खाने-पीने का सामान ले जा रहे ट्रकों को भी रोक दिया गया है। आंदोलन शुरू होने के बाद से प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी रेंजर्स व सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में 58 लोगों की मौत हुई है।


