फरीदाबाद निवासी पांशुल बंसल ने NEET UG 2026 में संयुक्त रूप से 720 में से 715 अंक लाकर ऑल इंडिया दूसरी रैंक हासिल की। आठवीं कक्षा से ही डाॅक्टर बनने का सपना लेकर चल रहे पांशुल ने खुद पर विश्वास और नियमित अभ्यास को सफलता का आधार बताया।
उन्होंने कहा कि रोजाना आठ घंटे पढ़ाई के साथ पुराने प्रश्नपत्रों को हल करने से आत्मविश्वास में वृद्धि हुई। नीट में टाइब्रेकर के चलते उन्हें दूसरा स्थान से संतोष करना पड़ा।
अब अगला लक्ष्य सफल सर्जन बनने का है। फरीदाबाद के सेक्टर-21सी निवासी पांशुल ने इससे पहले जेईई मेन 2026 में 99.5 पर्सेंटाइल स्कोर हासिल किया।
12वीं की पढ़ाई ग्रेटर कैलाश के समरफील्ड स्कूल से तो 10वीं की पढ़ाई डीपीएस फरीदाबाद से की। दोनों कक्षाओं में उन्होंने 94 फीसदी अंक हासिल किए।
8वीं कक्षा में ही डॉक्टर बनने की ठान ली थी
पांशुल के पिता संजीव कुमार बंसल स्टील उद्यमी तो मां मोनिका बंसल इंडियन एक्सप्रेस में कंपनी सैकेट्री हैं। उन्होंने 11वीं कक्षा से ही एलन लाजपतनगर से कोचिंग लेना शुरू की।
पांशुल ने बताया कि पढ़ाई के साथ करियर को लेकर मम्मी-पापा का नियमित मार्गदर्शन मिलता था। इसी के चलते आठवीं कक्षा से ही साइंस लेने के साथ डाॅक्टर बनने की ठान ली।
फिर साइंस के बेसिक को मजबूत करने पर पूरा ध्यान दिया। नीट में सफलता के लिए खुद पर विश्वास बेहद जरूरी है। इसके लिए टाइमटेबल बनाकर की गई पढ़ाई, पुराने प्रश्नपत्रों को नियमित हल करना जरूरी है।
कोचिंग में एग्जाम रूम के तनाव से पार पाने की कला सीखी। वहीं स्वजनों के साथ कोचिंग में अध्यापकों ने टापिक से जुड़ी शंकाओं का समाधान भी किया। घर पर पापा से फिजिक्स तो मां से बाकी सभी विषयों से जुड़ी हर संभव मदद मिलती थी।
फाइनेंस उपन्यास पढ़ने के साथ पियानो बजाने में है रुचि
नीट की तैयारी के साथ पांशुल ने अपनी खेल और मनोरंजन की गतिविधियों को जारी रखा। मां के कंपनी सैकेट्री होने के चलते पांशुल को फाइनेंस से जुड़े उपन्यास पढ़ना बेहद पसंद है। इसके साथ ही पियानो बजाना और स्केटिंग का भी उन्हें शौक है।
पियानो बजाने की उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षा राक स्कूल में ग्रेड 4 और ट्रिनिटी कालेज आफ लंदन में ग्रेड दो सर्टिफिकेट हासिल किया है।
रोजाना सात से आठ घंटे स्क्रीन टाइम जरूर रहा, लेकिन उसमें भी अपने करियर से जुड़े वीडियो पर भी फोकस रखा। इसके अलावा वेब सीरीज और यू-ट्यूब वीडियो देखना भी पांशुल को बेहद पसंद है।
रूबिक क्यूब हल करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। वह आंखें बंद करके भी इसे सुलझा लेते हैं। कंप्यूटर टाइपिंग में उनकी गति 100 शब्द प्रति मिनट है।
भूगोल में रुचि रखने वाले पांशुल खाली विश्व मानचित्र पर पांच मिनट से कम समय में 190 से अधिक देशों को चिह्नित कर सकते हैं। उनके पियानो और रूबिक क्यूब से जुड़े कुछ वीडियो भी उपलब्ध हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

