ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत स्वच्छता संबंधी कार्य कराने के लिए विभाग को नौ करोड़ 30 हजार रुपये की क्रेडिट लिमिट की संस्तुति मिली है। इसकी कार्ययोजना बनाकर भेजने पर शासन से स्वीकृति दी गई है।
कार्ययोजना के अनुसार ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत स्वच्छता संबंधी कार्यों में यह धनराशि खर्च की जाएगी। कार्यों का सत्यापन ब्लाक स्तरीय टीम करेंगी। कार्यों के बिल एसएनए स्पर्श पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। जिसके बाद भुगतान किया जाएगा।
जिले में कुल 469 ग्राम पंचायतें हैं। वर्षाकाल में फैलने वाली गंदगी व कूड़ा करकट आदि के निस्तारण कर स्वच्छता पर नौ करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च कर जिले को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया जाएगा।
इसमें स्वच्छता कार्ययोजना के तहत रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) निर्माण, सिल्ट कैचर, फिल्टर चैंबर, सोख्ता गड्ढा, वर्मी कंपोस्ट, नाडेप, खाद गड्ढा, लीच पिट, ई-रिक्शा, हैंडपंप के सोकपिट आदि स्वच्छता संबंधी कार्य कराने के लिए 15 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी गई थी।
शासन ने धनराशि के सापेक्ष 9.30 करोड़ रुपये के स्वच्छता संबंधी कार्य करवाने की क्रेडिट लिमिट की संस्तुति दी है। यानी 9.30 करोड़ रुपये के कार्य करवाकर बिल प्रेषित करने पर धनराशि ग्राम पंचायत के खाते में दी जाएगी।
ग्राम पंचायतों में विभिन्न कार्य होने के बाद सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), ग्राम सचिव एवं कंसल्टिंग इंजीनियर द्वारा कार्यों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद भुगतान के बिल एसएनए स्पर्श पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। जिसके बाद विभाग से भुगतान हो सकेगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

