हिंदुस्तान पेट्रोलियम के दो अफसरों की हत्या की जांच लगभग पूरी हो गई। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित एसआइटी ने 12 चश्मदीदों के बयान दर्ज किए। घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले पुलिस अधिकारियों, प्लांट कर्मचारियों एवं पीड़ित परिवारों के बयान भी दर्ज किए गए।
एसआईटी के सामने 12 चश्मदीदों ने बयां किया दोहरा हत्याकांड
जांच के कुछ अन्य बिंदु पूरे कर अगले सप्ताह रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। बदायूं के सैजनी गांव स्थित कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट में 12 मार्च को हिंदुस्तान पेट्रोलियम के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या की गई थी। हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह ने थाने में समर्पण कर दिया था।
बदायूं के कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में हुई थी हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अफसरों की हत्या
130 करोड़ रुपये की लागत से तैयार प्लांट में दोहरे हत्याकांड का संज्ञान प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी लिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के लिए मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी की अध्यक्षता में एसआइटी गठित कर दी थी। मंडलायुक्त, डीआइजी अजय साहनी और अपर आयुक्त खाद्य कामता प्रताप सिंह ने 16 मार्च को घटनास्थल का निरीक्षण किया था। आरोपित के आपराधिक इतिहास की जानकारी ली थी।
मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली एसआईटी अगले सप्ताह शासन को भेजेगी रिपोर्ट
अब तक की जांच में व्यक्तिगत और व्यावसायिक वैमनस्यता की बात सामने आ रही है। आरोपित अजय प्रताप प्लांट में आउटसोर्सिंग में भर्ती हुआ। फिर फर्म बनाकर पराली आपूर्ति का ठेका भी लेने लगा था। वह कर्मचारियों का नेता बनता था। उसकी अराजकता से परेशान होकर सुधीर गुप्ता ने नौकरी से निकाला तो उसका पराली ठेका भी बंद हो गया था। उसका वर्चस्व टूट गया था। इसी रंजिश में उसने हत्याकांड कर दिया।
डीआईजी अजय साहनी का कहना है कि घटना से संबंधित कई लोगों के बयान लिए गए हैं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कुछ अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान होने हैं। पीड़ित परिवार के कुछ लोगों से भी बात होनी शेष है। अगले सप्ताह जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।


