सच्ची दीक्षा वही है, जो व्यक्ति को राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए करे प्रेरित : रामभद्राचार्य

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जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में सोमवार को आयोजित नवम दीक्षा समारोह दिव्यांग विद्यार्थियों की उपलब्धियों और आत्मविश्वास का उत्सव बन गया।

मुख्य अतिथि प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि यह देश का ऐसा अनूठा शिक्षण संस्थान है, जो पूर्ण रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए समर्पित है।

सरकार विश्वविद्यालय को वैश्विक पहचान दिलाने और नए कीर्तिमान स्थापित करने में हरसंभव सहयोग देगी।

समारोह में कुल 2377 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इसके साथ 140 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, छह विद्यार्थियों को कुलाधिपति पदक तथा 50 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। समारोह की अध्यक्षता आजीवन कुलाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने की।

उन्होंने कहा कि सच्ची दीक्षा वही है, जो व्यक्ति को राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए प्रेरित करे। समारोह को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आनलाइन संबोधित करते हुए सभी उपाधिधारकों को बधाई दी और विश्वविद्यालय की प्रगति में सहयोग का भरोसा दिया। कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पांडेय ने कहा कि राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद आयोजित यह पहला दीक्षा समारोह पूरे बुंदेलखंड के लिए गौरव का विषय है।

समारोह में पद्मश्री उमाशंकर पांडेय, राज्यसभा सदस्य सुमित्रा बाल्मीकि, आचार्य रामचंद्र दास, कुल सचिव मधुरेंद्र कुमार पर्वत, वित्त अधिकारी रमेश कुमार, डॉ. महेंद्र कुमार उपाध्याय, डॉ. हरिकांत मिश्र, डॉ. सुशील त्रिपाठी, डॉ. निहार रंजन मिश्र, डॉ. शशिकांत त्रिपाठी, डॉ. विनोद कुमार मिश्रा, डॉ. गोपाल मिश्रा और डॉ. अमित अग्निहोत्री समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और अधिकारी मौजूद रहे।

खेल सचिव सुहास एलवाई और मंडलायुक्त अजीत कुमार को मानद उपाधि

दीक्षा समारोह में पैरालंपिक खेलों में रजत पदक विजेता आईएएस अधिकारी सुहास एलवाई और चित्रकूटधाम मंडल के मंडलायुक्त अजीत कुमार को मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि दोनों अधिकारियों को दिव्यांगजन सशक्तिकरण, खेल और लोक प्रशासन में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

समारोह में जैसे ही दोनों अधिकारियों के नाम की घोषणा हुई, सभागार तालियों से गूंज उठा। सुहास एलवाई ने अपने संघर्ष और उपलब्धियों से दिव्यांग युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। वहीं मंडलायुक्त अजीत कुमार को प्रशासनिक कार्यों और सामाजिक सरोकारों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया गया।

ममता को हराकर बंगाली जनता ने दिया स्पष्ट संदेश

दीक्षा समारोह के दौरान आजीवन कुलाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता अब राष्ट्रहित और विकास की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वही दल सत्ता में रहेगा, जो देश और समाज के विकास के लिए सकारात्मक सोच के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित से ऊपर किसी भी प्रकार की राजनीति लंबे समय तक स्वीकार नहीं की जाएगी। रामभद्राचार्य ने कहा कि भारतीय जनता अब जागरूक हो चुकी है और विकास विरोधी सोच को स्वीकार नहीं करेगी।

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