बंगाल के 15 लाख मतदाताओं की किस्मत अधर में, वोटर लिस्ट में पाई गई कमी; उठ रहे सवाल

बंगाल में न्यायिक अधिकारियों ने 37 लाख विचाराधीन वोटर मामलों का निपटारा कर दिया है, लेकिन दो सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट में सिर्फ 22 लाख नाम ही दिख रहे हैं। ई-सिग्नेचर न होने की वजह से करीब 15 लाख मामले बिना हिसाब-किताब के रह गए हैं।

चुनाव आयोग ने शनिवार देर रात तीसरी लिस्ट जारी की, लेकिन उसमें शामिल नामों की संख्या को लेकर कोई स्पष्टता नहीं थी। आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि अब आगे से हर दिन सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की जाएंगी।

’29 लाख मामले निपटाए गए’

निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद शुरू में 60 लाख मतदाताओं को जांच के लिए चिह्नित किया गया था और उनकी समीक्षा के लिए 700 से ज्यादा न्यायिक अधिकारियों को लगाया गया था। 23 मार्च की शाम तक लगभग 29 लाख मामले निपटा दिए गए थे।

बंगाल के सीईओ मनोज अग्रवाल ने कहा कि शाम 5 बजे तक जिन नामों पर ई-हस्ताक्षर हो जाएंगे, उन्हें पहली पूरक सूची में प्रकाशित किया जाएगा। आधी रात के आस-पास जारी की गई सूची में लगभग 10 लाख नाम शामिल थे।

दूसरी लिस्ट में भी सामने आई कमी

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार शाम तक 37 लाख मामलों का निपटारा कर दिया गया था, जिसका मतलब था कि बाकी बचे 27 लाख मामले अगली लिस्ट में शामिल होने चाहिए। लेकिन, लिस्ट में सिर्फ 12 लाख नाम ही दिखाई दिए।

आयोग के एक सीनियर अधिकारी ने शनिवार को कहा, “हमें ई-सिग्नेचर के साथ 12 लाख मामले मिले और हमने उन्हें उसी हिसाब से पब्लिश कर दिया।” उन्होंने बाकी बचे 15 लाख निपटाए गए मामलों पर ई-सिग्नेचर न होने के बारे में कोई सफाई नहीं दी।

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