बहुचर्चित देवकली पंप कैनाल लूटकांड मामले में मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोपित बृजेश सिंह पेश हुए। गौरतलब है कि तीन दिसंबर 1990 की सुबह करीब 7:30 बजे सैदपुर थाना क्षेत्र में नहर निर्माण कार्य चल रहा था।
उस दौरान सरफराज अंसारी मौके पर कार्य करा रहे थे। आरोप है कि तभी एक नीली मारुति कार से त्रिभुवन सिंह, विजयशंकर सिंह, बृजेश सिंह समेत दो अज्ञात व्यक्ति राइफल से लैस होकर पहुंचे थे।
दहशत फैलाने के लिए उन्होंने फायरिंग करने के साथ मारपीट की। वहां खड़े ट्रक के टायर में गोली मारकर पंक्चर कर दिया था। किसी तरह से ठेकेदार व उसके कर्मचारी वहां से बचकर निकले थे। इसी मामले में वह अदालत पहुंचे थे।


