इस साल झारखंड में माैसम की उल्टी चाल चल रही है। मई की शुरुआत के पहले 10 दिन बेहद गर्म माने जाते हैं। पर इस बार परिस्थिति उलट है। थोड़े-थोड़े अंतराल में गर्जन के साथ आंधी-बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी है।
धनबाद में एक मार्च से अब तक प्री-मानसून सीजन में 51.6 मिलीमीटर की तुलना में 90 प्रतिशत अधिक 102.3 मिलीमीटर वर्षा का रिकार्ड दर्ज किया गया है। चालू मई माह के सात दिनों में सामान्य से 8.7 मिलीमीटर के मुकाबले 269 प्रतिशत अधिक 32.1 मिलीमीटर वर्षा हुई है।
मौसम विभाग ने इस पखवाड़े के पूर्वानुमान में झमाझम बारिश के संकेत दिए हैं। आठ से 14 मई के बीच अलग-अलग हिस्से में गर्जन व वज्रपात के साथ आंधी-बारिश की संभावना है। 15 से 21 मई के बीच अत्यधिक बारिश का अनुमान है। बारिश की गतिविधि जारी रहने से मई में लू जैसे हालात नहीं बनेंगे। तापमान सामान्य से नीचे रहने से गर्मी का असर कम रहेगा।
काल बैसाखी अधिक सक्रिय, उसी से प्रभावित हो रहा मौसम
मानसून के जानकार डा. एसपी यादव का कहना है कि काल बैसाखी का समय 15 अप्रैल से 15 मई तक रहता है। इस बार अप्रैल की शुरुआत से ही काल बैसाखी सक्रिय है। कम समय के अंतराल में काल बैसाखी आ रहे हैं। उसके प्रभाव से गर्जन के साथ आंधी-बारिश की स्थिति बन रही है। फिलहाल इसका प्रभाव बना रह सकता है।
10 मई से फिर सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, 12 तक यलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 10 मई से हिमालय क्षेत्र में फिर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। इसके असर से 12 मई तक गर्जन के साथ आंधी-बारिश की संभावना है। इस दौरान बिजली गिरने का भी खतरा बना रह सकता है। आंधी-बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।


