आम आदमी पार्टी के नेता एवं दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को हिमाचल प्रदेश की अदालत में पेश होने का आदेश जारी हुआ है। जिला ऊना की एक अदालत में चल रहे मानहानि मामले में आम आदमी पार्टी नेता को 12 मई को अदालत में पेश होने का समन जारी किया गया है। मामला वर्ष 2022 का है।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष से जुड़ा मामला
ऊना जिले के रहने वाले अधिवक्ता अनूप केसरी ने याचिका के माध्यम से आरोप लगाया है कि मनीष सिसोदिया ने उन पर चरित्रहीन होने की टिप्प्णी की थी। अनूप केसरी आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं।
उन्होंने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कोर्ट-वन) के पास याचिका दायर की थी। इसी मामले में सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने सिसोदिया को समन जारी किया है।
क्या है पूरा विवाद
अधिवक्ता अनूप केसरी के अनुसार करीब चार वर्ष पहले पार्टी हाईकमान द्वारा हिमाचल के नेतृत्व की लगातार अनदेखी किए जाने से नाराज होकर उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में समर्थकों सहित भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की थी।
इसके बाद मनीष सिसोदिया ने उनके विरुद्ध टिप्पणी की। नौ अप्रैल, 2022 को दिल्ली में पत्रकारवार्ता के दौरान सिसोदिया ने उनके चरित्र को लेकर गंभीर और आपत्तिजनक आरोप लगाए थे।


