स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने चिकित्सकों को मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा, मरीजों के साथ चिकित्सकों का व्यवहार सहज, सरल और संवेदनशील होना चाहिए, ताकि मरीज अपनी समस्या खुलकर साझा कर सकें।
एक चिकित्सक के रूप में हम सभी बिना किसी भेदभाव के सेवा करने की शपथ लेते हैं। चिकित्सा सेवा का क्षेत्र है, जहां मानवता सर्वोपरि होनी चाहिए। मंत्री ने यह भी कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र ही एक सशक्त माॅनिटरिंग सेल स्थापित होगा।
साथ ही लगातार औचक निरीक्षण किया जाएगा। जहां अच्छे कार्यों को प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं लापरवाही करनेवालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने बुधवार को रांची के नामकोम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान सभागार में ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधन के क्रम में ये बातें कहीं।
इस अवसर पर मंत्री ने सभी पंचायतों में हेल्थ काटेज की स्थापना की बात दोहराई। कहा, इलाज के साथ-साथ यहां स्वास्थ्य के अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड जैसे कठिन समय में जब लोग एक-दूसरे से दूर हो रहे थे, उस समय ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन ने लोगों को जोड़ा।
AI आधारित तकनीकों को शामिल करेंगे
मंत्री के अनुसार, झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में अत्याधुनिक और एआई आधारित तकनीकों को शामिल कर व्यापक सुधार लाया जाएगा। उन्होंने सिविल सर्जनों से निर्भीक होकर कार्य करने का आह्वान करते हुए मरीजों एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया।
मंत्री ने कहा कि राज्य में 747 अबुआ मेडिकल स्टोर खोलने की प्रक्रिया जारी है। यहां न केवल सस्ती दवा मिलेगी, बल्कि दवाओं के उपयोग, साइड इफेक्ट और सेवन विधि की जानकारी भी सरल भाषा में दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि राज्य में 747 अबुआ मेडिकल स्टोर खोलने की प्रक्रिया जारी है। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन भ्रम और गलत इलाज से बचाने में अत्यंत प्रभावी है।
उन्होंने बेहतर कार्य कर रहे चिकित्सकों से अन्य चिकित्सकों को प्रेरणा लेने की अपील की, ताकि दूरदराज क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। इस मौके पर सांसद विजय हांसदा भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन की प्रोटोकाल गाइडलाइंस का विमोचन किया गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करनेवाले 13 चिकित्सकों एवं 12 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (सीएचओ) को सम्मानित किया गया।


