लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गुरुवार रात हादसा मथुरा के डंपर चालक की गलती से हुआ। वह नींद में होने के बाद भी डंपर चला रहा था। हादसे में मृत बस चालक के भाई ने शुक्रवार शाम को ही उसके विरुद्ध मटसेना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वहीं एआरटीओ ने ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने के लिए मथुरा रिपोर्ट भेजी है।
लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मटसेना क्षेत्र में गुरुवार रात हुए हादसे में गईं थीं दो जानें
माइल स्टोन 46 पर रात दो बजे कानपुर से 32 सवारियां लेकर गुरुग्राम जा रही स्लीपर कोच बस आगे चल रहे बालू से लदे डंपर के पलटने के बाद उसके डीजल टैंक से जा टकराई थी। इसके बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। केबिन में बुरी तरह फंस जाने के कारण कानपुर निवासी बस चालक शिवराज सिंह उर्फ शंभू और उनके ठीक पीछे वाली सीट पर बैठीं 60 वर्षीय गयाश्री साहू की जलने से मौके पर मृत्यु हो गई थी।
शनिवार को हुई 17 घायलों की अस्पताल से छुट्टी
दुर्घटना के बाद 18 घायलों को जिला संयुक्त चिकित्सालय शिकोहाबाद और सरकारी ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह तक 17 घायलों की अस्पताल से छुट्टी हो गई।
वहीं बस के परिचालक सुंदरलाल निवासी जालौन की हालत स्थिर है। उनके हाथ और पैर की हड्डियां टूट गई हैं। वह झुलसे भी है। उनका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार चल रहा है। थानाध्यक्ष विमिलेश त्रिपाठी ने बताया कि डंपर चालक से फोन से संपर्क कर थाने बुलाया गया है।
बस चालक के भाई ने दर्ज कराई है प्राथमिकी
वहीं एआरटीओ प्रेम सिंह ने बताया कि हादसा डंपर के चालक को झपकी आने से हुई थी। घटना के बाद वह मौके से भाग गया था। गाड़ी नंबर के आधार पर उसके बारे में पूरी जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान दोनों ही वाहनों के दस्तावेज ठीक पाए गए हैं।
एआरटीओ ने मथुरा भेजी रिपोर्ट
डंपर चालक की पहचान मथुरा, रिफाइनरी के बहाई निवासी तेजवीर सिंह के रूप में हुई है। वह नींद आने के बाद भी वाहन चला रहा था। जबकि समय-समय पर अभियान चलाकर वाहन चालकों को होल्डिंग एरिया (ठहरने के स्थान) पर गाड़ी खड़ी कर नींद पूरी करने के लिए जागरूक किया जाता है।


