तेलंगाना के आदिलाबाद जिले के चेन्नुरु स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक शाखा में 13.71 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कैशियर नरिगे रविंदर ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म लकी भास्कर से प्रेरित होकर यह घोटाला किया। उसने करीब 402 ग्राहकों को धोखा दिया और उनके कैश व गिरवी रखे सोने की हेराफेरी की।
कैसे हुआ घोटाला?
पुलिस के मुताबिक रविंदर ने पिछले 10 महीनों में यह योजना बनाई। उसने रिश्तेदारों और दोस्तों के नाम पर फर्जी अकाउंट खोलकर ग्राहकों के पैसे और सोना अपने कब्जे में ले लिया।
कितना नुकसान हुआ?
सोना: 12.61 करोड़ रुपए मूल्य का, करीब 20.5 किलो
कैश: 1.10 करोड़ रुपए
कुल नुकसान 13.71 करोड़ रुपए का हुआ।
ऑडिट के दौरान खुला राज
तिमाही ऑडिट में कैश और सोने के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पकड़ में आई। जैसे ही 22 मई को ऑडिट शुरू हुआ, रविंदर शाखा से गायब हो गया। सीसीटीवी और फिंगरप्रिंट जांच में उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई।
सट्टेबाजी और कर्ज का दबाव
बसारा ट्रिपल आईटी से B.Tech पास रविंदर 2017 में SBI से जुड़ा था। जांच में सामने आया है कि वह ऑनलाइन सट्टेबाजी में भारी कर्ज में डूबा हुआ था। इसी कर्ज को चुकाने और जल्दी अमीर बनने के लालच में उसने घोटाला किया।
पत्नी और साली समेत 9 गिरफ्तार
पुलिस ने फरार कैशियर की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उसने पहचान छिपाने के लिए Vemulawada में सिर मुंडवाया था। इस बीच, उसकी पत्नी और साली समेत 9 लोगों को सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
ग्राहकों को बैंक का आश्वासन
घोटाले की खबर से ग्राहकों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, ब्रांच मैनेजर और अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी ग्राहकों के हित सुरक्षित हैं और चोरी हुए कैश व सोने की वसूली के प्रयास जारी हैं।