नई दिल्ली के कालका जी मंदिर में शुक्रवार रात एक श्रद्धालु और पुजारी के बीच मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। मारपीट के दौरान पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रसाद को लेकर शुरू हुआ विवाद, मौत पर खत्म
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच कुछ श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। दर्शन के बाद उन्होंने सेवादार से चुन्नी और प्रसाद मांगा, जिस पर कहासुनी हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।
लाठियों और घूंसे बरसाए, इलाज के दौरान मौत
गुस्से में भरे श्रद्धालुओं ने सेवादार योगेंद्र सिंह पर लाठियों और घूंसे से हमला कर दिया। योगेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें आनन-फानन में एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। मृतक की पहचान योगेंद्र सिंह (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के फत्तेपुर गांव के रहने वाले थे और बीते 14-15 वर्षों से कालकाजी मंदिर में सेवादार के रूप में कार्यरत थे।
एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही कालकाजी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पता चला कि झगड़े की शुरुआत श्रद्धालुओं द्वारा चुन्नी-प्रसाद न मिलने को लेकर हुई थी। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी अतुल पांडे (30 वर्ष), निवासी दक्षिणपुरी को गिरफ्तार किया है। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने घटना को लेकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1)/3(5) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है।मंदिर में गम और नाराज़गी का माहौल
सेवादार की हत्या की खबर फैलते ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है।