देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश अब राहत की बजाय आफत बन गई है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक पानी ने जिंदगी की रफ्तार थाम दी है। खेत जलमग्न हो चुके हैं, सड़कों पर पानी का सैलाब बह रहा है, और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल में फसलें पूरी तरह तबाह
पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं और जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना चुनौती बन गया है। राज्य के पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर और तरनतारन जैसे इलाकों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। सड़कों के टूटने और पुल बह जाने से कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। कुल नुकसान 1000 करोड़ रुपये से ऊपर आंका गया है। कांगड़ा, सिरमौर, ऊना और मंडी में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों-चमोली, पिथौरागढ़, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर और नैनीताल-में भारी बारिश और भूस्खलन की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
वैष्णो देवी यात्रा के दौरान 35 श्रद्धालुओं की मौत
कटरा में माता वैष्णो देवी यात्रा के दौरान हुए भूस्खलन में अब तक 35 श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं। हालात को देखते हुए यात्रा को तीन दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। मौसम विभाग ने 1 सितंबर तक येलो अलर्ट जारी किया है।
मध्य प्रदेश में रेड अलर्ट, नदियों से दूर रहने की चेतावनी
एमपी के कई जिलों-खरगोन, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, छिंदवाड़ा, बालाघाट और सिवनी- में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी के साथ रेड अलर्ट घोषित किया गया है। नदियों और नालों के पास जाने से साफ मना किया गया है, क्योंकि जलस्तर बेहद तेजी से बढ़ रहा है।
ओडिशा में तूफानी हवाओं का खतरा
ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में 29-30-31अगस्त और 1-2-3 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में उठ रहे संभावित चक्रवात को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
बिहार में 3 दिन बारिश
बिहार के विभिन्न जिलों में अलग-अलग तारीखों को तेज और भारी बारिश का अनुमान है। 30 अगस्त को किशनगंज और पूर्णिया में, 31 अगस्त को सारण और वैशाली में और 1 सितंबर को पश्चिम चंपारण और भभुआ में झमाझम बारिश हो सकती है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमें सक्रिय रूप से राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। नदी-किनारों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और बाढ़ प्रभावित गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।