नवी मुंबई के उरण इलाके के पगोटेगांव में घटी एक घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। एक महिला की जलकर मौत हो गई और उसका पति आंखों में आंसू लिए यही कहता रहा कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में पुलिस को भी यही लगा कि यह एक दर्दनाक आत्मदाह का मामला है। लेकिन जब हकीकत खुली, तो सबके पैरों तले ज़मीन खिसक गई।
32 वर्षीय जगरानी देवी की मौत के बाद पति राजकुमार राम शिरोमणि साहू ने दावा किया कि उनकी पत्नी ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। पुलिस ने भी इसे एक ‘आकस्मिक मौत’ के रूप में दर्ज किया और फॉर्मल कार्रवाई आगे बढ़ाई। लेकिन कहानी जितनी सीधी दिख रही थी, उतनी थी नहीं।
पति को लंबे समय से शक था कि जगरानी के किसी और से नाजायज़ संबंध हैं। इस अविश्वास ने धीरे-धीरे उसके ज़हन में ज़हर घोल दिया और आखिरकार उसने वह कदम उठा लिया, जिससे एक घर पूरी तरह तबाह हो गया।
7 साल की मासूम ने खोला राज
पुलिस ने जब पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और पारिवारिक सदस्यों से पूछताछ शुरू की, तो सबकुछ बदल गया। सात साल की बेटी, जो उस समय घर में मौजूद थी, डरते-डरते बोली- “पापा ने मम्मी को आग लगा दी… मैंने खुद देखा है।” यह मासूम वाक्य ही था, जिसने केस की दिशा पलट दी।
जांच में सामने आया कि घटना के दिन सुबह-सुबह राजकुमार को घर से बाहर निकलते हुए कैमरे में देखा गया, जबकि वह दावा करता रहा कि वह घर पर मौजूद नहीं था। वहीं मेडिकल रिपोर्ट ने भी यह स्पष्ट कर दिया कि यह आत्मदाह नहीं बल्कि जबरन जलाया गया था।
हत्या का मामला दर्ज, पति गिरफ्तार
पुलिस ने सभी सबूत और बच्ची की गवाही को ध्यान में रखते हुए 26 अगस्त को राजकुमार के खिलाफ IPC की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, बच्ची की काउंसलिंग भी शुरू कराई गई है ताकि उसे मानसिक सहारा दिया जा सके।