भारतीय शेयर बाजार से जुड़े लाखों निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। निफ्टी फ्यूचर्स और ऑप्शन (F&O) की एक्सपायरी डेट को लेकर एक ऐसा बदलाव हुआ है जो पिछले ढाई दशक में कभी नहीं हुआ। अब तक गुरुवार को होने वाली निफ्टी की एक्सपायरी को बदलकर मंगलवार कर दिया गया है। यह फैसला ना सिर्फ ट्रेडिंग पैटर्न को बदल देगा, बल्कि बाजार की स्थिरता और पारदर्शिता को भी नया आयाम देगा। SEBI और NSE द्वारा मंजूर यह नया नियम 1 सितंबर 2025 से लागू होगा।
निफ्टी एक्सपायरी का अब तक का सफर
-1996 में निफ्टी 50 की शुरुआत हुई थी।
-2000 में निफ्टी फ्यूचर्स लॉन्च हुआ और पहली मंथली एक्सपायरी जून 2000 में हुई।
-2019 में NSE ने वीकली एक्सपायरी की शुरुआत की, लेकिन तब भी दिन गुरुवार ही रखा गया। अब पहली बार ऐसा हो रहा है कि साप्ताहिक निफ्टी एक्सपायरी का दिन बदल दिया गया है, जिससे ट्रेडिंग पैटर्न पर बड़ा असर देखने को मिलेगा।
क्या होता है निफ्टी एक्सपायरी?
जब कोई निवेशक या ट्रेडर निफ्टी इंडेक्स पर फ्यूचर्स या ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट लेता है, तो उसकी एक तय समाप्ति तिथि (Expiry Date) होती है। उसी दिन वो सौदा खत्म हो जाता है और उसका सेटेलमेंट होता है। इसी आखिरी तारीख को ही ‘एक्सपायरी’ कहा जाता है। अब यह दिन मंगलवार होगा।
बदलाव से क्या होगा फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि- हफ्ते में सिर्फ दो दिन- निफ्टी (मंगलवार) और बैंक निफ्टी (गुरुवार)- के एक्सपायरी होने से बाजार पर दबाव कम होगा। एक्सपायरी की तारीखें स्पष्ट होने से मार्केट में कम तकनीकी गड़बड़ी और कम उतार-चढ़ाव होंगे। यह बदलाव निवेशकों को बेहतर जोखिम प्रबंधन का मौका देगा। दोनों एक्सचेंजों में संतुलन बना रहेगा जिससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होगी।
SEBI के अनुसार, इस नए नियम से बाजार में फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडिंग को स्मूद और स्थिर बनाया जा सकेगा। यह विशेष रूप से उन निवेशकों के लिए फायदेमंद होगा जो कम रिस्क के साथ ट्रेड करना चाहते हैं।
नया सिस्टम कब से लागू होगा?
-1 सितंबर 2025 से मंगलवार को होगी निफ्टी एक्सपायरी।
-बैंक निफ्टी की एक्सपायरी फिलहाल गुरुवार को ही जारी रहेगी