यमुनानगर में रिश्वत लेते लेडी ASI पकड़ी:1 ट्रक निकलने के बदले ₹1000 लेती थी, 9 हजार कैश मिला; ACB ने ट्रैप लगाकर पकड़ा
यमुनानगर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एनफोर्समेंट थाने की महिला एएसआई रजनी को ₹9,500 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि रेत-बजरी से भरे ट्रकों को नाकों से निकलने देने के बदले प्रति गाड़ी ₹1000 लेती थी।
विजिलेंस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रेत-बजरी से जुड़े ट्रकों को निकलने देने के बदले प्रति गाड़ी एक हजार रुपए लिए जाते थे।
शिकायत के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की विजिलेंस टीम ने ट्रैप बिछाया और लेडी एएसआई को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
10 गाड़ियों के लिए मांगी थी रकम
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसकी 6 गाड़ियां पहले निकल चुकी थीं, जबकि 4 अन्य गाड़ियों को निकलवाना बाकी था। आरोप है कि इन गाड़ियों को निकलने देने के बदले रकम मांगी गई थी। शिकायत के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर सतपाल देशवाल को सौंपी।
नोटों पर केमिकल लगाकर बिछाया जाल
विजिलेंस टीम ने शिकायत के अनुसार, रिश्वत की रकम पर केमिकल लगाया और कार्रवाई की। एएसआई को ₹9,500 लेते हुए पकड़ा गया। मौके से यह रकम बरामद कर ली गई। मामले में शिकायतकर्ता के आरोपों और बरामदगी के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
ऐसे लेडी ASI को ट्रैप में फंसाया…
- थाने के पास पैसे लेकर भेजाः शिकायतकर्ता यूपी के शामली निवासी अख्तर अली ने एसीबी को शिकायत की थी। इस पर एसीबी द्वारा एक टीम का गठन किया गया। टीम ने अख्तर अली को कैश लेकर एनफोर्समेंट थाने के पास सड़क के कोने पर भेजा गया, जहां एएसआई को बुलाया गया था।
- पैसों के साथ आरोपी को रंगे-हाथ पकड़ाः पीड़ित ने थाने के पास पहुंचकर जैसे ही एएसआई को वह रकम दी तो तुरंत टीम ने छापा मारा और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
दूसरे अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
स्टेट विजिलेंस पानीपत के इंस्पेक्टर सतपाल देशवाल के अनुसार, जिले में अवैध माइनिंग से जुड़ी गतिविधियों पर कार्रवाई होती रहती है और वाहनों को पकड़ा भी जाता है। इस मामले में आरोप है कि पैसे लेकर कुछ गाड़ियों को निकलने दिया जाता था।
एएसआई की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस यह जांच कर रही है कि कथित वसूली में केवल उसकी भूमिका थी या अन्य अधिकारी भी शामिल थे। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

