हाईकोर्ट में 25 नवंबर को अगली सुनवाई; फॉरेस्ट लैंड पर सड़क बनाने-पहाड़ काटने का आरोप

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शिमला जिले के ठियोग के रहीघाट में बन रहे फाइव स्टार होटल के निर्माण पर हिमाचल हाईकोर्ट ने रोक जारी रखने के आदेश दिए हैं। वन भूमि पर अवैध रूप से सड़क बनाने, पेड़ काटने और पहाड़ की खुदाई करने के आरोपों से जुड़े इस मामले में कोर्ट ने साफ किया कि जब तक पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर 2026 को होगी।

चीफ जस्सिट जीएस संधावालिया और जस्टिस बीसी नेगी की बैंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। मामला वैकुंठ हॉस्पिटैलिटीज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से रहीघाट में बनाए जा रहे फाइव स्टार होटल से जुड़ा है। कंपनी यहां करीब 35 बीघा बागवानी भूमि पर 130 कमरों का होटल बना रही है।

मौके पर पेड़ नहीं मिले, पहाड़ की कटाई के निशान

आरोप है कि होटल तक सड़क बनाने के लिए वन विभाग की भूमि पर करीब 424 वर्ग मीटर क्षेत्र में सड़क बना दी गई। इस मामले में वन विभाग ने दिसंबर 2025 में एफआईआर दर्ज कराई थी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला की स्टेटस रिपोर्ट में गूगल अर्थ की तस्वीरों और मौके पर किए गए निरीक्षण का जिक्र है।

रिपोर्ट के अनुसार, तस्वीरों में संबंधित वन भूमि पर हरे पेड़ दिखाई दे रहे थे, लेकिन मौके पर निरीक्षण के दौरान वहां कोई खड़ा पेड़ नहीं मिला। इसके बजाय बड़े स्तर पर पहाड़ की कटाई और खुदाई के निशान मिले। लैंडस्लाइड के मलबे के नीचे देवदार के दो छोटे पौधे दबे हुए भी पाए गए।

वन विभाग और TCP पर लगा था जुर्माना

जुलाई 2026 में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने वन विभाग और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (TCP) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा था कि व्यावसायिक निर्माण के दौरान पर्यावरण और जंगलों को नुकसान पहुंच रहा था, लेकिन संबंधित विभाग समय रहते कार्रवाई करने में नाकाम रहे। नियमों की अनदेखी और लापरवाही को लेकर कोर्ट ने दोनों विभागों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

सहयोग समझौता भी पेश नहीं हुआ

सुनवाई में कोर्ट ने यह भी पाया कि होटल बनाने वाली कंपनी की ओर से जरूरी सहयोग समझौता (कोलाबोरेशन एग्रीमेंट) अदालत में पेश नहीं किया गया है। हाईकोर्ट ने मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होने तक निर्माण पर रोक जारी रखने का आदेश दिया है। अब 25 नवंबर को होने वाली सुनवाई में मामले पर आगे विचार किया जाएगा।

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