श्रीनगर में ड्रग्स-आतंकी नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, ₹7.11 करोड़ की 4 संपत्तियां अटैच
श्रीनगर में ड्रग्स-आतंकी नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, ₹7.11 करोड़ की 4 संपत्तियां अटैच-फ्रीज; OGW की प्रॉपर्टी भी शामिल
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ड्रग्स तस्करी और आतंकी नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों पर कार्रवाई तेज की गई है। सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की कार्रवाई के तहत करीब 7.11 करोड़ रुपये मूल्य की चार संपत्तियों को अटैच और फ्रीज किए जाने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई में एक ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) से जुड़ी संपत्ति भी शामिल बताई जा रही है।
ड्रग्स नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने पर जोर
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपितों की संपत्तियों और आर्थिक संसाधनों पर भी नजर रख रही हैं। पुलिस की ओर से NDPS Act के तहत पहले भी श्रीनगर में ड्रग तस्करी से कथित तौर पर अर्जित संपत्तियों को अटैच किया गया है।
इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगाना और कथित तौर पर अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत कब्जे में लेना है।
OGW से जुड़ी संपत्ति भी कार्रवाई के दायरे में
मामले में ओवर ग्राउंड वर्कर यानी OGW से जुड़ी संपत्ति का शामिल होना भी अहम माना जा रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, OGW नेटवर्क पर कार्रवाई के दौरान ऐसे लोगों की पहचान की जाती है, जिन पर आतंकियों को लॉजिस्टिक या अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने के आरोप होते हैं। हाल ही में राजौरी में भी पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कथित OGW नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की थी।
हालांकि, किसी संपत्ति के अटैच या फ्रीज होने का अर्थ अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है। अंतिम स्थिति संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करती है।
NDPS Act के तहत संपत्तियों पर कार्रवाई
श्रीनगर में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में पुलिस पहले भी NDPS Act की संबंधित धाराओं के तहत संपत्तियां अटैच कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यदि किसी संपत्ति को कथित तौर पर ड्रग तस्करी से हासिल आय से जुड़ा पाया जाता है, तो निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत उस पर कार्रवाई की जाती है।
सितंबर 2026 में श्रीनगर जिले में अलग-अलग मामलों में कई करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अटैच किए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी। इनमें मकान और जमीन जैसी संपत्तियां शामिल थीं।
आतंकी नेटवर्क के फाइनेंशियल चैनल पर नजर
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति अब सिर्फ संदिग्धों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां कथित ड्रग तस्करी, आतंकियों को मिलने वाली आर्थिक मदद और लॉजिस्टिक नेटवर्क के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही हैं।
संपत्ति अटैचमेंट की कार्रवाई इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कथित तौर पर आतंकवाद या नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों से हासिल आर्थिक संसाधनों को निशाना बनाया जा रहा है। आने वाले समय में जांच के आधार पर अन्य संपत्तियों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन पर भी कार्रवाई हो सकती है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

