कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा, कटरी में तीन हजार बीघा फसल जलमग्न; जनजीवन अस्त-व्यस्त

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गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण मंगलवार को बैराज पर चेतावनी बिंदु 114 मीटर को पार कर 114.20 मीटर तक पहुंच गया।

वहीं शुक्लागंज की तरफ जलस्तर चेतावनी बिंदु से मात्र नौ सेंटीमीटर पीछे 112.91 मीटर दर्ज किया गया। उफनती गंगा के चलते कटरी में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और करीब तीन हजार बीघा फसल जलमग्न हो गई है।

बिठूर के ब्रह्मावर्त घाट, लक्ष्मण घाट, पत्थर घाट और सीता घाट समेत सभी प्रमुख घाटों की सीढ़ियां डूब चुकी हैं। ख्योरा कटरी के भगवानदीन पुरवा, भोपाल पुरवा, बनिया पुरवा, दुर्गापुरवा, गिल्ली पुरवा, मक्का पुरवा तथा बिठूर के शिवदीन पुरवा, डल्ला पुरवा व ईश्वरीगंज के खेतों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया है।

भोपालपुरवा से भगवानदीन पुरवा जाने वाले संपर्क मार्ग पर तीन फीट पानी बहने से आवागमन बाधित हो गया है। पानी गांवों के मुहाने तक पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। प्रशासन ने तटीय इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए राहत शिविर सक्रिय कर दिए हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए नावें लगा दी हैं।एसडीएम सदर अभिनव सिंह और नायब तहसीलदार सृजन कुमार ने ग्राम प्रधान दिनेश निषाद के साथ ट्रैक्टर से भगवानदीन पुरवा का स्थलीय निरीक्षण किया। ग्रामीणों को पानी आबादी में आने पर तुरंत सूचना देने को कहा गया है।

लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए दो ट्रैक्टर तैनात किए गए हैं। कटरी में बड़े पैमाने पर की जाने वाली सब्जी की खेती बाढ़ की भेंट चढ़ गई है। गिल्ली पुरवा के शंभूदयाल निषाद की सात बीघा बैंगन, लोबिया, तरोई, कुंदरू व लौकी की फसल और सूरज निषाद की पांच बीघा तिली डूब गई है।

मक्का पुरवा के राजेंद्र निषाद की चार बीघा और राम औतार निषाद की दस बीघा सब्जी नष्ट हो गई। इसी तरह किशन कुमार, रामकुमार और घनश्याम की फसलें भी तबाह हो चुकी हैं। ईश्वरीगंज से भगवानदीन पुरवा तक तीन हजार बीघा फसल डूबने से किसानों की कमर टूट गई है।

परमियापुरवा नाला बंद होने और ड्रेनेज सिस्टम न होने से सिंहपुर

कानपुर: गंगा का जलस्तर बढ़ने पर सिंचाई विभाग द्वारा परमियापुरवा नाले का गेट बंद किए जाने और ड्रेनेज सिस्टम न होने से सिंहपुर-मैनावती मार्ग व मकड़ीखेड़ा समेत 25 बस्तियों में पिछले 10 दिनों से भीषण जलभराव है। दो से तीन फीट तक भरे पानी से करीब एक लाख आबादी घरों में कैद होकर रह गई है।

बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ आने से लोगों में दहशत है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और कई परिवार पलायन कर चुके हैं। सिंहपुर-बिठूर रोड स्थित पायनियर ग्रीन सिटी, लवकुश विहार और विजय रेजीडेंसी में घरों में पानी घुसने पर आक्रोशित महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने गेट पर धरना दिया।

सोसाइटी अध्यक्ष एपी दीक्षित ने बताया कि मुख्य मार्ग डूबने से दूध, सब्जी और राशन की आपूर्ति ठप है। नवाबगंज, आजाद नगर, ख्यौरा और गुप्ता कालोनी की गलियों में भी नाले का गंदा पानी भर गया है। लोग ट्रैक्टर के सहारे बाहर निकल रहे हैं। नगर निगम ने जल निकासी के लिए पांच बड़े पंप लगाए हैं, जिनसे पानी खींचकर अटल घाट के पीछे छोड़ा जा रहा है। अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने बताया कि पांच पंपों से लगातार जल निकासी कराई जा रही है और स्थिति पर नजर बनी है।

नगर आयुक्त ने देखा जलभराव वाले इलाके

कानपुर: नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से पनकी-सुंदर नगर क्षेत्र में हुए भीषण जलभराव का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित इलाकों से तत्काल सिल्ट व गंदगी हटाकर सफाई कराने और मार्ग प्रकाश दुरुस्त करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने कहा कि कार्यों में कोई शिथिलता न बरती जाए। साथ ही जोनल अभियंता को क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत कराने के आदेश दिए हैं।

गंगा का हाल

  • आप स्ट्रीम (बैराज से बिठूर की तरफ)- 114.52 मीटर
  • डाउन स्ट्रीम (बैराज से कानपुर की तरफ) – 114.20 मीटर
  • गंगा बैराज की तरफ चेतावनी बिंदु 114 मीटर
  • खतरनाक बिंदु – 115
  • शुक्लागंज की तरफ गंगा का जलस्तर – 112.91 मीटर
  • चेतावनी बिंदु – 113 मीटर
  • खतरनाक बिंदु – 114 मीटर
  • नरौरा बांध से छोड़ा गया गंगा जल – 1, 05, 633 क्यूसेक
  • बैराज से शुक्लागंज की तरफ छोड़ा गया गंगा जल – 3, 95, 099 क्यूसेक

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