लगातार बारिश के कारण बैतरणी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने सोमवार को विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर संभावित बाढ़ की स्थिति और उससे निपटने की तैयारियों का जायजा लिया।
बैठक में बैतरणी नदी के जलस्तर, संभावित प्रभावित क्षेत्रों, लोगों की सुरक्षा, राहत एवं बचाव कार्य, आश्रय गृहों की व्यवस्था तथा राहत सामग्री की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि राज्य में संभावित बाढ़ की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सरकार किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने बताया कि आनंदपुर और आखुआपाड़ा में बैतरणी नदी का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन अभी यह खतरे के निशान से नीचे है। वहीं, महानदी, देवी, जलाका, कुशभद्रा, ऋषिकुल्या और इब नदियों का जलस्तर भी सामान्य बना हुआ है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों से फसल नुकसान की सूचना मिली है, वहां तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए। नुकसान का आकलन पूरा होने के 24 घंटे के भीतर प्रभावित किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने में किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान बाढ़ के बाद संभावित सर्पदंश की घटनाओं पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों को पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम दवाएं उपलब्ध रखने तथा आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने बताया कि पॉलीथिन शीट सहित अन्य राहत सामग्री का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। ओड्राफ की टीमें भी जरूरत पड़ने पर तत्काल तैनाती के लिए तैयार हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार पूर्व चेतावनी संदेश भेजे जा रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि रथयात्रा के बाद सभी 30 जिलों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की जाएगी, जिसमें लगातार बारिश और संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की रणनीति पर चर्चा होगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

