कूड़ेदान में जा रहे हैं खीरे के असली फायदे! कहीं आप तो नहीं कर रहे इसे खाने में यह एक गलती?
गर्मियों में सलाद के तौर पर खीरा हर किसी को पसंद होता है। यह हमें तरोताजा रखता है और शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है।
हालांकि, क्या आप जानते हैं कि आपके खीरा खाने का तरीका शायद गलत भी हो सकता है? जी हां, आपको जानकर शायद हैरानी हो, मगर हमारी एक छोटी-सी रोजमर्रा की आदत खीरे के ज्यादातर फायदों को खत्म कर सकती है। आइए, डिटेल में जानते हैं इस बारे में।
क्या है वो सबसे बड़ी गलती?
हम में से ज्यादातर लोग खीरे का छिलका उतार कर खाते हैं, जो कि पोषण के लिहाज से एक बड़ी गलती है। जब आप खीरे को छीलते हैं, तो आप अनजाने में इसके मुख्य पोषक तत्वों को बाहर कर देते हैं। इसके बाद आपके खाने के लिए मुख्य रूप से सिर्फ पानी ही बचता है। इसलिए, अधिकतम फायदों के लिए इसे बिना छीले खाना ही सबसे सही तरीका है।
छिलके में छिपे हैं अनगिनत गुण
खीरे का जो छिलका हम अक्सर डस्टबिन में डाल देते हैं, असल में वह विटामिन के, सिलिका, फाइबर और कई तरह के बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना है:
- बेहतर पाचन: छिलके में भारी मात्रा में इनसॉल्युबल फाइबर होता है, जो आपके पेट को साफ रखने और पाचन तंत्र को हेल्दी रखने में अहम भूमिका निभाता है।
- इंफ्लेमेशन और स्ट्रेस से बचाव: इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और इंफ्लेमेशन से सुरक्षित रखने का काम करते हैं। छिलका हटाते ही आप इन सभी फायदों को पीछे छोड़ देते हैं।
कब पड़ती है छिलका उतारने की जरूरत?
खीरे को छीलने की नौबत सिर्फ एक ही स्थिति में आनी चाहिए- जब उस पर वैक्स की परत लगाई गई हो। जी हां, कई बार बाजार में खीरे को जल्दी खराब होने से बचाने के लिए उस पर वैक्स की कोटिंग कर दी जाती है।
गर आपके पास वैक्स वाला खीरा है, तो उसे छीलने के बजाय आप गर्म पानी और एक साफ ब्रश की मदद से रगड़कर धो सकते हैं। हालांकि, इसका सबसे आसान और सुरक्षित विकल्प यही है कि आप अपने लोकल सब्जी वाले से बिना वैक्स वाले खीरे ही खरीदें।
गर्मी में हाइड्रेटेड रहने का ‘सीक्रेट हैक’
जब भी आप खीरा खाएं, तो उस पर थोड़ा-सा पिंक सॉल्ट जरूर बुरक लें। यह छोटा-सा बदलाव आपके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का सही बैलेंस बनाए रखने में बहुत मदद करता है, जिससे आप इस चिलचिलाती गर्मी में भी पूरी तरह से हाइड्रेटेड रहते हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

