आवासीय क्षेत्र में मकान या परिसर के अनधिकृत गैर आवासीय और व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर नगर निगम की ओर से जारी नोटिस का जवाब संबंधित अंचल कार्यालय में देना है।
इसके लिए संबंधित व्यक्ति किसी भी कार्यदिवस को अंचल कार्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए फार्म जमा करना होगा।
तब जाकर कार्यपालक पदाधिकारी सुनवाई के लिए तारीख तय करेंगे। निर्धारित तिथि पर संबंधित दस्तावेजों के साथ लिखित रूप से अपना पक्ष रखना होगा।
सुनवाई के लिए ले सकते बाद की तारीख
अगर कोई व्यक्ति बाहर है या किसी जरूरी काम में व्यस्त है तो अनुरोध कर सुनवाई के लिए कुछ दिन बाद की तारीख भी ले सकता है।
पाटलिपुत्र अंचल कार्यालय में कार्यपालक पदाधिकारी पुण्य तरु के समक्ष गोसाईं टोला निवासी द्रौपदी देवी के पुत्र ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि उनकी संपत्ति का इस्तेमाल पूरी तरह आवासीय है।
अन्य श्रेणी में नोटिस भेजा गया है। इस पर कार्यपालक पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मकान का इस्तेमाल सिर्फ रहने के लिए हो रहा है और गलती से व्यावसायिक टैक्स कट रहा है, तो मकान मालिक आवश्यक कागजातों के साथ शपथ पत्र जमा कर सकते हैं।
ये दस्तावेज देने होंगे
सुनवाई के दौरान बताया गया कि नोटिस के जवाब के साथ निबंधित डीड या खतियानी जमीन की छायाप्रति, अंचलाधिकारी कार्यालय से संबंधित दाखिल-खारिज के कागजात, स्वीकृत नक्शा, व्यावसायिक गतिविधि या प्रतिष्ठान का रजिस्ट्रेशन और आधार की छायाप्रति ली जा रही है।
यदि किसी के पास स्वीकृत नक्शा नहीं है, तो उन्हें लिखित में यह अंडरटेकिंग देनी होगी कि निर्माण बिना नक्शे के हुआ है और वे जल्द ही इसे पास करवा लेंगे।
नगर निगम की ओर से बड़ी संख्या में अन्य श्रेणी में भी नोटिस भेजा गया है। इस श्रेणी में व्यवसाय स्पष्ट नहीं है। नूतन राजधानी अंचल में राजा बाजार के निवासी भी इस मामले को लेकर पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि उनके घर में कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं है। महापौर सीता साहू को भी अन्य श्रेणी में ही अजीमाबाद अंचल से नोटिस गया था।
आवासीय संपत्ति को व्यावसायिक इस्तेमाल में बदलना नियमों का उल्लंघन
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि चेन्नई में कुछ मामले सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर देश के सभी नगर निकायों को आवासीय क्षेत्रों में चल रही गैर-आवासीय गतिविधियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया था।
इसी के तहत पटना नगर निगम ने सर्वे कराया। सर्वे में आवासीय क्षेत्रों में गैर-आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के 26,746 मामले सामने आए हैं।
नगर आयुक्त ने कहा कि यह आंकड़ा पूरी तरह सही होने का दावा नहीं किया जा सकता। मास्टर प्लान-2031 की जियोस्पेशल रिपोर्ट और अपने पोर्टल के आंकड़ों को डिजिटल मैप पर मिलाकर ऐसे क्षेत्रों और संपत्तियों की पहचान की।
पाटलिपुत्र और राजेंद्र नगर जैसे कुछ आवासीय क्षेत्र पहले से अधिसूचित हैं। वहां आवासीय संपत्ति को व्यावसायिक इस्तेमाल में बदलना नियमों का उल्लंघन है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

