अनाया बांगर का दमदार पलटवार, आलोचकों को दी पढ़ने-लिखने की सलाह; BCCI की चुप्पी पर जताया दुख

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 ट्रांसजेंडर क्रिकेटर के तौर पर ऑस्ट्रेलिया द्वारा अनुमित पाने के बाद अनाया बांगर को काफी कुछ सुनने को मिला है। उनके एक ट्रांसवुमेन होते खेलने पर सवाल उठाए गए हैं जिसमें साउथ अफ्रीका की मारिजाने कैप से लेकर कई दिग्गज शामिल हैं। अनाया ने अब इन सभी को जवाब दिया है और साथ ही बीसीसीआई की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए हैं।

अनाया को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ट्रांसवुमेन के तौर पर अपने घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट में खेलने की अनुमित दे दी है और इस बात से वह बेहद खुश हैं। हालांकि, उनका टीम इंडिया से खेलने का सपना बरकरार है और उन्हें उम्मीद है कि एक दिन बीसीसीआई अपने नियमों में बदलाव कर उन्हें मौका जरूर देगा।

हर कोई देता है समाधान

अनाया ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि उनके लिए बदलाव का ये सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है और इस दौरान उन्होंने काफी अकेला महसूस किया। उन्होंने कहा कि जो उनकी आलोचना कर रहे हैं और उन्हें शिक्षित होने की जरूरत है तभी वह इस बदलाव को समझ पाएंगे।

उन्होंने कहा, “हर कोई आपको समाधान देना चाहता है वो भी तब जब आप जानते हैं कि आपका केस सही है। आप जानते हैं कि आपके साथ जो हो रहा है वह अन्याय है। इस दौरान मैं सिर्फ अपने साथ ही रही। मेरे एकांत ने मेरी काफी मदद की। अभी मैंने सुना है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मुझे महिला क्रिकेट में खेलने की अनुमति दे दी है, मैं जो हूं वैसे ही क्रिकेट खेलूंगी जो मेरे लिए बड़ी बात है।”

बीसीसीआई ने साधी चुप्पी

अनाया ने ट्रांसजेंडर बनने के बाद कहीं न कहीं क्रिकेट दोबारा खेलने की उम्मीद छोड़ दी थी और वह काफी अकेला महसूस कर रही थीं, लेकिन उनके परिवार ने उनका साथ दिया। हालांकि, बीसीसीआई से जब उन्होंने क्रिकेट खेलने की अनुमति मांगी तो बोर्ड के पास से बस उन्हें चुप्पी ही मिली।

उन्होंने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो भावनात्मक तौर पर मैं काफी अकेली रही हूं, लेकिन मैं अपने परिवार के जरूरी सपोर्ट की भी शुक्रगुजार हूं। मैंने नहीं सोचा था कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल पाऊंगी। मैं बस कोशिश कर रही थी और देखना चाहती थी कि क्या होता है।”

उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से बात की और वहां से अनाया को जवाब मिला जिसका इंतजार वह बीसीसीआई से कर रही थीं। उन्होंने कहा, “ये काफी निराशाजनक और दिल दुखाने वाला है कि मुझे चुप्पी मिली। मैं जानती थी कि ये बदलाव मुझे क्रिकेट से दूर कर सकता है। मुझे उम्मीद है कि बीसीसीआई इसके लिए तैयार होगा और इस संबंध में अपनी पॉलिसी बनाने की कोशिश करेगा।”

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