प्रदेश में सरकारी स्तर पर विद्यार्थियों को 10वीं के बाद शिक्षा से जोड़कर रखने और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर नामांकन बढ़ाने की दिशा में 714 हाई स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से के-12 कंपोजिट स्कूलों में तब्दील करने की तैयारी की जा रही है। सरकार की पहल का उद्देश्य 10वीं के बाद विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होने की स्थिति रोकना है।
क्या होते हैं कम्पोजिट स्कूल?
बता दें कि के-12 कम्पोजिट स्कूल वे शिक्षण संस्थान होते हैं जो एक ही परिसर या छत के नीचे बच्चों को शुरुआती प्री-प्राइमरी (किंडरगार्टन) से लेकर बारहवीं कक्षा (के-12) तक की संपूर्ण शिक्षा प्रदान करते हैं। इसमें छात्र बिना स्कूल बदले नर्सरी/एलकेजी से बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी कर सकते हैं। बैठक में स्पष्ट किया कि स्कूलों को अपग्रेड करने की प्रक्रिया केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

