दूरदराज के इलाकों में 10वीं के बाद नहीं छूटेगी पढ़ाई, जम्मू-कश्मीर के 714 हाई स्कूल बनेंगे K-12 कंपोजिट स्कूल

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प्रदेश में सरकारी स्तर पर विद्यार्थियों को 10वीं के बाद शिक्षा से जोड़कर रखने और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर नामांकन बढ़ाने की दिशा में 714 हाई स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से के-12 कंपोजिट स्कूलों में तब्दील करने की तैयारी की जा रही है। सरकार की पहल का उद्देश्य 10वीं के बाद विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होने की स्थिति रोकना है।

ऐसे दूरदराज और भौगोलिक रूप से कठिन इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां 11वीं व 12वीं की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को गांव या क्षेत्र से बाहर जाना पड़ता। स्कूलों के उन्नयन से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में आगे की शिक्षा जारी रखने का अवसर मिलेगा।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सचिवालय श्रीनगर में स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक में हाई स्कूलों को के-12 कंपोजिट स्कूलों में तब्दील करने के रोडमैप की समीक्षा की।

क्या होते हैं कम्पोजिट स्कूल?

बता दें कि के-12 कम्पोजिट स्कूल वे शिक्षण संस्थान होते हैं जो एक ही परिसर या छत के नीचे बच्चों को शुरुआती प्री-प्राइमरी (किंडरगार्टन) से लेकर बारहवीं कक्षा (के-12) तक की संपूर्ण शिक्षा प्रदान करते हैं। इसमें छात्र बिना स्कूल बदले नर्सरी/एलकेजी से बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी कर सकते हैं। बैठक में स्पष्ट किया कि स्कूलों को अपग्रेड करने की प्रक्रिया केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी।

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