उत्तर भारत की पवित्र मणिमहेश यात्रा आधिकारिक रूप से आज से शुरू हो गई है। हेली टैक्सी सेवाएं भी शुरू हो गई हैं। गत दिनों हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पैदल यात्रा मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था, इस कारण पैदल यात्रा पर रोक लगाई गई थी। आज भरमौर प्रशासन पैदल यात्रा पर फैसला लेगा। पैदल यात्रा मार्ग की मरम्मत कर दी गई है। चार सितंबर जन्माष्टमी को छोटा शाही स्नान होगा।
बचाव दल तैनात
हड़सर से लेकर पवित्र डल झील तक एनडीआरएफ व एसडीआरएफ बल तैनात है। संवेदनशील स्थलों पर पुलिस सहित पर्वतारोहण दल की भी तैनाती है।
7 स्वास्थ्य टीमें तैनात
यात्रा मार्ग पर दवाओं, आक्सीजन सिलिंडरों और उपकरणों से लैस सात स्वास्थ्य टीमें सेवाएं देंगी। विपरीत स्थिति में श्रद्धालुओं के लिए ये टीमें मददगार बनेंगी।
रात को नहीं कर सकेंगे यात्रा
सुरक्षा के मद्देनजर रात 11 से सुबह चार बजे तक मैहला से आगे एनएच पर वहीं हड़सर से डल झील तक शाम सात से सुबह चार बजे तक यात्रा प्रतिबंधित रहेगी।
छोटा शाही स्नान चार को
चौरासी मंदिर भरमौर के पुजारी पंडित छज्जू राम शर्मा ने बताया कि जन्माष्टमी पर स्नान करने का शुभ मुहूर्त चार सितंबर को रात 2.26 बजे से आरंभ होकर पांच सितंबर को दोपहर 12.14 बजे तक रहेगा। इस दौरान कृष्ण पक्ष के साथ रोहिणी नक्षत्र का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। 18 सितंबर को दोपहर एक बजे राधाष्टमी पर्व शुरू होगा, जो 19 सितंबर को शाम 3.28 बजे तक चलेगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

