नई दिल्ली: वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले को गंभीर संवैधानिक महत्व का मानते हुए केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने को कहा। याचिका में दल-बदल विरोधी कानून के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए गए हैं और उनकी संवैधानिक वैधता की न्यायिक समीक्षा की मांग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने केंद्र सरकार से निर्धारित समय के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है, जिसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी।
यह मामला देश की संसदीय व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दों में से एक माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के जवाब और सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

