संत रविदास जन्म स्थली पर देश भर में समरसता संकल्प के लिए पूजे गए 131 कलश

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 संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रव्यापी ‘ गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ चला रही है। अभियान का भव्य शुभारंभ 29 जुलाई 2026, गुरु पूर्णिमा को संत रविदास जी की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी से होगा।

आयोजन के पहले दिन मंगलवार को 131 कलश में रविदास जन्म स्थली की पावन मिट्टी भरकर पूजित की गई। ढोल नगाड़े और बैंड बाजे के बीच में कलश की शोभा यात्रा निकली गई। कलश यात्रा रविदास पार्क से श्री रविदास मंदिर तक गई। यात्रा में शामिल महिलाएं पीत वस्त्र में सर पर कलश रखकर चल रही थी। इस दौरान रविदास के भक्त पूरी भक्ति में डूबे नाचते हुए चल रहे थे। ये कलश कल यूपी के 75 जिले और देश के सभी 28 राज्यों में जाएंगे। सभी स्थानों से प्रतिनिधि कलश को लेने के लिए रविदास जन्मस्थली पहुंचे हुए हैं।

विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला 20 फरवरी 2027, माघ पूर्णिमा एवं संत रविदास जयंती तक चलेगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं डेरा सच्चखण्ड बल्लां के प्रमुख एवं संत रविदास जन्मस्थली के प्रमुख पूज्य संत श्री गुरु निरंजन दास महाराज जालंधर की विशेष उपस्थिति रहेगी।

भाजपा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष लाल सिंह ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज किसी एक समाज के संत नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान पथप्रदर्शक हैं। उनके ‘बेगमपुरा’ के समतामूलक आदर्श, सेवा, भक्ति और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसके माध्यम से समाज के सभी वर्गों में सामाजिक समरसता को मजबूत करने तथा विकसित भारत के निर्माण में सर्व समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि संत रविदास महाराज का दिखाया मार्ग ही ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प का मूल आधार है और यह अभियान सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकता का व्यापक जनआंदोलन बनेगा। उन्होंने बताया कि अभियान को लेकर 19 जुलाई को दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यशाला, जबकि 20 से 23 जुलाई तक प्रदेश स्तरीय कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। 25 से 27 जुलाई तक जिला स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।

पांच चरणों में चलेगा राष्ट्रव्यापी अभियान

लाल सिंह आर्य ने बताया कि अभियान के तहत पांच प्रमुख चरणों में कार्यक्रम होंगे। 29 जुलाई से 10 सितंबर 2026 तक ‘श्री गुरु रविदास महाराज कलश वंदन अभियान’ राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला और मंडल स्तर तक चलेगा। वहीं 29 जुलाई से 31 अगस्त तक संत संपर्क अभियान आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा’ जालंधर से काशी तक निकाली जाएगी।

यह यात्रा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगी। इसके अतिरिक्त 26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक ‘श्री गुरु रविदास महाराज छात्रावास संपर्क अभियान’ चलाया जाएगा।
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बताया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन सीर गोवर्धनपुर से अभियान का औपचारिक शुभारंभ होगा। संत-महात्माओं और प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में पावन मिट्टी युक्त कलशों का पूजन कर उन्हें विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को सौंपा जाएगा।

अतिथिगण सबसे पहले संत गुरु रविदास जी की जन्मस्थली मंदिर में पूजन करेंगे और इसके बाद स्मारक स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय और समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत देशभर के रविदास मंदिरों, छात्रावासों और गांवों में गुरु पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

रविदास घाट पर 11 हजार दीपों से होगा दीपोत्सव

अभियान के तहत ‘गुरु रविदास महाराज समरसता दीप अभियान’ भी चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत श्री रविदास घाट पर 11,000 दीप तथा श्री रविदास स्मारक स्थल पर भी दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। 29 जुलाई को देशभर के संत श्री गुरु रविदास महाराज के मंदिरों के साथ ही भाजपा के सभी मंडल स्तर पर भी दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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