गुरु पूर्णिमा पर संत प्रेमानंद के दर्शन: भक्तों के लिए श्रीराधा केलिकुंज आश्रम की नई गाइडलाइन जारी

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गुरु पूर्णिमा पर संत प्रेमानंद अपने अनुयायियों को दर्शन देंगे। संत प्रेमानंद के दीक्षित शिष्यों को दर्शन व चरण पादुका पूजन के लिए यमुना पार यमुना कुंज कुटिया में भोर में तीन बजे तक भक्तों को पहुंचना होगा। जबकि यमुनापार बेलवन में नवनिर्मित यमुना कुंज आश्रम पहुंचने का रास्ता सुनसान होने के कारण श्रीराधा केलिकुंज आश्रम ने भक्तों को अकेले आश्रम न पहुंचने की अपील की है।

आश्रम ने अकेले आने वाले भक्तों को रात एक बजे तक श्रीराधा केलिकुंज पहुंचने का आह्वान किया है। यहां से दूसरे ऐसे शिष्य जिनके पास निजी वाहन हैं, उनके साथ ही यमुना पार के यमुना कुंज आश्रम तक पहुंचने की अपील की है, ताकि शिष्य परिकर को किसी तरह का खतरा उत्पन्न न हो।

गुरु पूर्णिमा पर संत प्रेमानंद के दर्शन पूजन को आने वाले दीक्षित शिष्यों के लिए जारी की अपील

श्रीराधा केलिकुंज आश्रम ने रविवार को जारी गाइडलाइन में देश दुनिया से गुरु पूर्णिमा पर संत प्रेमानंद के दर्शन व पूजन को आने वाले दीक्षित शिष्यों से वृंदावन से यमुना पार के यमुना कुंज आश्रम तक रात में अकेले न पहुंचने की अपील की है। आश्रम के संदेश में कहा है हालांकि यमुना पार आश्रम तक के रास्ते को पूरी तरह बना दिया गया है। लेकिन, रात का समय सुनसान होने के कारण कोई भी शिष्य अकेले आश्रम न पहुंचें।

इसके लिए जो भी शिष्य यमुना कुंज आश्रम पहुंचने के लिए वृंदावन आते हैं वे रात एक से दो बजे तक श्रीराधा केलिकुंज पहुंचें। यहां जिन शिष्यों के पास निजी वाहन हैं, वे उनके साथ ही यमुना पार आश्रम पहुंचें।

अकेले आश्रम आने से बचने की अपील

आश्रम ने निजी वाहन साथ लाने वाले शिष्याें से भी अकेले आए शिष्यों को अपने साथ ही यमुना कुंज आश्रम तक पहुंचाने की अपील की है। जो शिष्य ई-रिक्शा, आटो से भी जाना चाहते हैं वे भी समूह के रूप में आश्रम पहुंचें, अकेले आश्रम पहुंचने से बचें।

ये दिन तय किए दीक्षित शिष्यों को प्रांत के हिसाब से

श्रीराधा केली कुंज आश्रम से जारी सूचना के अनुसार यमुना पार बेलवन पर संत प्रेमानंद यमुना विहार कुंज में गुरु पूर्णिमा 23 से 29 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह साढ़े चार से साढ़े पांच बजे तक दर्शन देंगे। दीक्षित शिष्यों के लिए प्रांत के हिसाब से दिन निर्धारित किए हैं। इनमें 23 जुलाई को विदेशी भक्तों के साथ हरियाणा, कर्नाटक के शिष्य दर्शन करेंगे, 24 को गुजरात, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़, आंध्र, केरल और दिल्ली के शिष्य, 25 को पंजाब।

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