उत्तर प्रदेश के चर्चित किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट मामले में कोर्ट से मुख्य आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। जिला जज अनमोल पाल ने किडनी कांड के मुख्य आरोपी आहूजा हास्पिटल के मालिक डा. सुरजीत सिंह आहूजा और उनकी पत्नी प्रीति आहूजा समेत तीन की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से तर्क रखा गया था कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। किडनी ट्रांसप्लांट में उनकी कोई भूमिका नहीं है। जिला शासकीय अधिवक्ता दिलीप अवस्थी ने तर्क रखा कि किडनी ट्रांसप्लांट के इस मामले में सभी की अपनी-अपनी भूमिका थी। कोई किडनी लेने वाले को ढूंढता था तो कोई किडनी देने वाले की तलाश करता था।
कोई कागजात तैयार करता था तो कोई आपरेशन करता था या उसमें सहयोग करता था।आपरेशन के बाद मरीज को अलग-अलग दूसरे अस्पताल में भेज दिया जाता था। यह सारा काम एक गिरोह द्वारा किया जाता था। डाक्टर सुजीत और डाक्टर प्रीति दोनों ही इस गिरोह में और अपराध में शामिल थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने गंभीर अपराध मानकर अर्जी खारिज कर दी।


