हिमाचल प्रदेश में चार नगर निगमों के चुनाव नतीजे कल आएंगे। नगर निगम मंडी की सत्ता के सिंहासन पर कौन विराजमान होगा और किसके सिर जीत का सेहरा सजेगा, इसका फैसला रविवार को होने जा रहा है। पिछले 14 दिनों से इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कैद प्रत्याशियों की किस्मत और जनता का जनादेश सबके सामने आ जाएगा।
मंडी नगर निगम के मतों की गिनती वल्लभ राजकीय महाविद्यालय के परीक्षा हाल में सुबह ठीक नौ बजे से शुरू होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि सुबह 10 बजे तक चुनावी नतीजों की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी और यह तय हो जाएगा कि मंडी की सरकार कौन चलाएगा।
चुनाव बेहद दिलचस्प और कांटे का
इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प और कांटे का माना जा रहा है। सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भाजपा नगर निगम पर अपना कब्जा बरकरार रख पाएगी या फिर कांग्रेस उसके गढ़ में सेंध लगाने में कामयाब होगी। पिछले चुनाव में भाजपा ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए 15 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की थी और कांग्रेस महज चार सीटों पर सिमट कर रह गई थी। हालांकि, इस बार समीकरण बदले हुए हैं। इस बार 14 वार्डों में ही मतदान हुआ है। बैहना वार्ड के लोगों ने विभिन्न मांगों को लेकर चुनाव प्रक्रिया का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया था। ऐसे में बदले हुए गणित के बीच दोनों ही प्रमुख दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।
भितरघात और बागियों का डर
इस चुनाव में सिर्फ भाजपा और कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा ही दांव पर नहीं है, बल्कि दोनों पार्टियों के अपनों ने भी खेल बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। टिकट न मिलने से नाराज भाजपा और कांग्रेस के असंतुष्ट नेता निर्दलीय के रूप में चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। आज के नतीजों से यह भी साफ हो जाएगा कि यह बागी अपनी ही पार्टियों के वोट बैंक में सेंध लगाकर कोई बड़ा उलटफेर कर पाते हैं, या फिर जनता उन्हें नकार देगी और उनका डिब्बा गोल हो जाएगा।
मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रशासन ने मतगणना को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। वल्लभ महाविद्यालय परिसर में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। मतगणना हाल के भीतर केवल अधिकृत व्यक्तियों और काउंटिंग एजेंटों को ही प्रवेश की अनुमति है।


