2013 के रेप केस में बरी होने के खिलाफ गोवा सरकार की अपील पर तरुण तेजपाल की बॉम्बे हाई कोर्ट (High Court of Bombay at Goa) में अंतिम सुनवाई चल रही है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान तरुण तेजपाल की ओर से पेश सीनियर वकील आबाद पोंडा ने कोर्ट को बताया कि होटल की पहली मंजिल का सीसीटीवी फुटेज अचानक गायब हो गया। यह फुटेज गायब होना अभियोजन पक्ष के मामले पर शक पैदा करता है।
दरअसल, गुरुवार को बॉम्बे हाई कोर्ट तहलका मैगजीन के संस्थापक तरुण तेजपाल 21 मई, 2021 को बरी किए जाने के खिलाफ आखिरी दलीलें सुन रहा है। उन पर होटल की लिफ्ट में एक महिला के साथ रेप का आरोप था।
तेजपाल के वरिष्ठ वकील आबाद पोंडा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने नौ दिनों तक फुटेज वाले डीवीआर (DVR) को सील नहीं किया, जिससे उसके साथ छेड़छाड़ की संभावना बढ़ी और अंततः उसे नष्ट कर दिया गया। पोंडा ने अभियोजन पक्ष के बताए समय के दौरान लिफ्ट के बंद रहने की संभावना पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने तर्क दिया कि इमरजेंसी लिफ्ट को कुछ सेकंड से ज्यादा समय तक बंद नहीं रखा जा सकता और उस दौरान लिफ्ट के दरवाज़े कम से कम दो बार खुले थे, और सामने वाली दीवार पर लाइटें दिखाई दे रही थीं।
ट्रायल कोर्ट ने 2021 में तेजपाल को बरी करते हुए अपने 527 पन्नों के फैसले में कहा था कि ग्राउंड, पहली और दूसरी मंजिल का CCTV फुटेज इकट्ठा किया गया था, लेकिन पहली मंजिल का फुटेज कोर्ट के देखने के लिए उपलब्ध नहीं था, जिसे कोर्ट ने बड़ी चूक माना था।
क्या बोले सरकारी वकील
सरकारी वकील एस. कार्पे ने होटल परिसर के अंदर रिकॉर्ड किए गए CCTV फुटेज को कोर्ट में यह कहते हुए दिखाने पर आपत्ति जताई, कि उसमें पीड़िता दिखाई देती। इसके बाद कोर्ट ने जजों और अभियोजन पक्ष के लिए फुटेज चलाया, जबकि कोर्टरूम में मौजूद बाकी लोगों के लिए स्क्रीन बंद कर दी गई।
फुटेज में नहीं दिखी आरोप जैसी बात
पीड़िता के इस दावे पर कि तेजपाल ने उसे खींचकर वापस लिफ्ट में डाल दिया था, वकील पोंडा ने कहा कि फुटेज में दिख रहा है कि बाहर निकलते समय तेजपाल उसके आगे चल रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि फुटेज में कलाई पकड़ने, खींचने, छूने या जबरदस्ती करने जैसी कोई बात नहीं दिखी, जैसा कि आरोप लगाया गया था, बल्कि फुटेज से पता चलता है कि वह अपनी मर्जी से तेजपाल के साथ लिफ्ट में वापस गई थीं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

