भगवान गौतम बुद्ध की जन्म स्थली लुंबिनी में शनिवार को भूटान सरकार की महत्वाकांक्षी भूटानी गुंबा (मठ) निर्माण परियोजना का शिलान्यास किया गया। भूटान के गृह मंत्री ल्योन्पे छिरिङ, भूटान के धर्मगुरु उप महासंघ राजा दोर्जे लोपेन रिम्पोछे तथा नेपाल के संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री खड्गराज अधिकारी (गणेश) पौडेल की उपस्थिति में वैदिक एवं बौद्ध धार्मिक अनुष्ठानों के साथ निर्माण कार्य का शुभारंभ हुआ। इस परियोजना को नेपाल और भूटान के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक और कूटनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
समारोह में भूटानी लामाओं ने भूमि पूजन और विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपंन कराए। भूटान सरकार के गृह मंत्रालय के तहत संस्कृति व जोडखा विकास विभाग की महानिदेशक म्याक्सुद ओजी ने कहा कि लुंबिनी में भूटानी मंदिर का निर्माण भूटान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। पिछले वर्ष लुंबिनी विकास कोष और भूटान सरकार के बीच हुए समझौते (एमओयू) के अनुरूप अब निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि परियोजना के पहले चरण में गुंबा परिसर की चारदीवारी का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि अब मुख्य मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। भूटान सरकार ने अगले दो वर्षों में पूरी परियोजना पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।प्रस्तावित गुंबा में भूटान की पारंपरिक वास्तुकला, धार्मिक कला और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। परिसर में प्रार्थना कक्ष, सांस्कृतिक प्रदर्शनी स्थल व धार्मिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। निर्माण पूरा होने के बाद दुनिया भर से लुंबिनी आने वाले बौद्ध श्रद्धालु और पर्यटक भूटानी संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपरा का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे।
शिलान्यास समारोह के अवसर पर नेपाल और भूटान के उच्च स्तरीय प्रतिनिधियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। नेपाल के संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री खड्गराज पौडेल और भूटान के गृह मंत्री ल्योन्पे छिरिङ के बीच पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और धार्मिक सहयोग को विस्तार देने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में नेपाल ने दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव भूटान के समक्ष रखे। पहला प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और भैरहवा स्थित गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच सीधी उड़ान शुरू करने का था, ताकि लुंबिनी –बोधगया बौद्ध पर्यटन सर्किट को बढ़ावा मिल सके। भूटान के गृह मंत्री ल्योन्पे छिरिङ ने नेपाल के दोनों प्रस्तावों को सकारात्मक बताते हुए कहा कि इन पर सरकारी स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने लुम्बिनी में भूटानी गुंबा निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने और सहयोग देने पर नेपाल सरकार का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि दोनों देश बौद्ध विरासत संरक्षण, तीर्थ पर्यटन के विकास और जनस्तरीय संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। बैठक में नेपाल की ओर से लुंबिनी क्षेत्र के सांसद तौफिक अहमद खान, रुपंदेही-चार के सांसद कन्हैया बनिया तथा लुंबिनी विकास कोष के कार्यवाहक सदस्य सचिव ज्ञानीन राई मौजूद रहे। वहीं भूटान की ओर से नेपाल में भूटान के राजदूत मेजर जनरल भेत्सोप नामग्येल, गृह सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।


