क्या चीन पूरी करेगा अंबानी की मुराद, CATL से रिलायंस की बातचीत; ग्रीन एनर्जी में होने वाला है बड़ा धमाका!

देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्री अब रिन्यूएबल एनर्जी में भी अपनी धाक जमाने की कोशिश में जुट गई है। मुकेश अंबानी की कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए पुर्जे हासिल करने के लिए चीन का रुख किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए चीन की दिग्गज कंपनी CATL और अन्य वैश्विक सप्लायर्स के साथ बातचीत कर रही है।

रिलायंस अपने रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट के तेजी के साथ आगे बढ़ा रही है। चीन ने कई तरह की पाबंदियां लगा रखी है। इसके बावजूद मुकेश अंबानी की कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाना चाहती है।

कंपनी को रुकावटों को सामना करना पड़ रहा

इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार इस बात से परिचित लोगों ने जानकारी दी कि रिलायंस के लिए गुजरात के जामनगर शहर में अपनी आने वाली फैक्ट्री में बैटरी के पुर्जों का दूसरा बड़ा सोर्स मिलने का रास्ता खुल सकता है। इससे Xiamen Hithium Energy Storage Technology Co. से मिलने वाली सप्लाई की कमी पूरी हो सकती है। इस पार्टनरशिप में पिछले कुछ महीनों से कंपनी को रुकावटों को सामना करना पड़ रहा है। इसलिए कंपनी ने विकल्प ढूंढना शुरू कर दिया था।

रिलायंस लिथियम-आयन बैटरी सेल बनाने के लिए जरूरी टेक्नोलॉजी हासिल करने में रुकावटों का सामना कर रही है। यही कारण है कि कंपनी पहले से बने आयन बैटरी सेल को पैक करने पर अपना फोक्स शिफ्ट कर दिया है। इसके लिए उसने चीनी बैटरी निर्माता CATL से बातचीत शुरू कर दी। रिलायंस ने CATL से इसलिए बातचीत जल्द शुरू कर दी है क्योंकि क्योंकि बीजिंग बैटरी की मुख्य तकनीक के निर्यात पर अपना नियंत्रण और कड़ा कर रहा है।

भारत का सबसे बड़ा कॉम्प्लेक्स

मुकेश अंबानी की रिलायंस गुजरात के जामनगर एनर्जी स्टोरेज कॉम्प्लेक्स बना रही है। यह भारत का सबसे बड़ा कॉम्प्लेक्स होगा। इस तरह की और भी सुविधाएं देश के बिजली ग्रिड को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है, क्योंकि भारत 2030 तक 500-गीगावाट के लक्ष्य की ओर अपनी रिन्यूएबल बिजली क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है।

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