नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने गुरुवार देर रात नीट यूजी-2026 री एग्जाम का परिणाम घोषित कर दिया। परिणाम के अनुसार राजधानी के कई छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया स्तर पर बेहतर रैंक हासिल की।
लखनऊ के शिवांश आनंद ने 152वीं और यासिर अतहर ने 157वीं ऑल इंडिया रैंक प्राप्त कर शहर का नाम रोशन किया। इसके अलावा मोहित को 550वीं, चिन्मय को 569वीं और शावेज को 738वीं रैंक मिली। शहर के 12 छात्र-छात्राओं ने 650 से अधिक अंक हासिल किए हैं। परिणाम जारी होने के बाद वेबसाइट पर अचानक बढ़े ट्रैफिक के कारण कई अभ्यर्थियों को रिजल्ट देखने में परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
प्रतियोगी परीक्षाओं के विशेषज्ञ प्रत्यूष शुक्ला ने बताया कि इस बार नीट यूजी का प्रश्नपत्र पिछले वर्षों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण था। विशेष रूप से फिजिक्स के प्रश्नों का स्तर कठिन होने से अधिकांश छात्रों के अंक इस विषय में अपेक्षाकृत कम रहे, जबकि बायोलॉजी में छात्रों का प्रदर्शन बेहतर रहा। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने नियमित अध्ययन, सुनियोजित रणनीति और मॉक टेस्ट के जरिए तैयारी की, उन्हें इसका लाभ परिणाम में मिला।
गौरतलब है कि इस वर्ष नीट यूजी परीक्षा दो बार आयोजित करनी पड़ी। पहली परीक्षा तीन मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद उसे निरस्त कर दिया गया। इसके बाद एनटीए ने 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की, जिसका परिणाम अब जारी किया गया है।
इस बीच नीट प्रवेश प्रक्रिया को लेकर एक नया कानूनी विवाद भी सामने आया है। लखनऊ निवासी 69 वर्षीय अशोक बहार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका दाखिल कर नीट के माध्यम से होने वाले मेडिकल प्रवेश में दो प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की है। याचिका में उन्होंने अपने पक्ष में विशेष प्रावधान किए जाने का अनुरोध किया है। मामले पर न्यायालय में सुनवाई होना बाकी है।
परिणाम घोषित होने के साथ ही सफल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। अब छात्रों की निगाहें मेडिकल कालेजों में प्रवेश के लिए शुरू होने वाली काउंसिलिंग प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिसके कार्यक्रम की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

