रांची निगम की लापरवाही: जनवरी में टेंडर, बारिश में अधूरा छोड़ा काम; दीपाटोली में 10 फीट की सड़क पर 6 फीट चौड़ा गड्ढा

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राजधानी के न्यू बांधगड़ी, रोड नंबर-5 स्थित दीपाटोली में बड़े नाले का निर्माण कार्य स्थानीय लोगों के लिए राहत की जगह आफत बन गया है। जनवरी में करोड़ों रुपये की योजना का टेंडर जारी होने के बावजूद छह महीने बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। बरसात होते ही सड़क के बीचों-बीच खोदे गए नाले और चारों ओर फैले कीचड़ ने 10 हजार की आबादी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

हालात ऐसे हैं कि लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नाले के ऊपर रखी प्लाई के सहारे आने-जाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर निर्माण कार्य पूरा हो गया होता तो आज बरसात में यह स्थिति नहीं बनती।

रांची नगर निगम ने 22 जनवरी 2026 को वार्ड-6 के बांधगड़ी रोड नंबर-5 में आरसीसी बड़े नाले के निर्माण के लिए 2.36 करोड़ रुपये की योजना का ई-टेंडर जारी किया था। योजना के तहत 270 दिनों में काम पूरा होना है। लेकिन निर्माण की धीमी रफ्तार का खामियाजा अब स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

मौके की तस्वीरें हालात की गंभीरता बयां कर रही हैं। करीब 10 फीट चौड़ी सड़क के ठीक बीचों-बीच लगभग आठ फीट गहरी और छह फीट चौड़ी खुदाई कर दी गई है। सड़क के दोनों ओर अपार्टमेंट, छात्रावास और दर्जनों मकान हैं। खुदाई से निकली मिट्टी पूरी सड़क पर फैली हुई है और लगातार बारिश के कारण पूरा इलाका कीचड़ में तब्दील हो गया है।

नाले के ऊपर लोगों की आवाजाही के लिए केवल प्लाई की चादरें रखी गई हैं। जिसके सहारे पैदल लोग, बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक आवागमन कर रहे हैं। बारिश के दौरान प्लाई पर फिसलन बढ़ जाने से हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। रात के समय भी यही अस्थायी व्यवस्था लोगों की मजबूरी बनी हुई है।

निर्माण कार्य करा रहे संवेदक नरेंद्र कुमार ने बताया कि बड़े नाले के निर्माण के लिए करीब आठ फीट गहरी और छह फीट चौड़ी खुदाई की गई है। सड़क की चौड़ाई  10 फीट होने और दोनों ओर अपार्टमेंट होने के कारण निर्माण कार्य के दौरान वैकल्पिक रास्ता देना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि बारिश की वजह से काम प्रभावित हुआ है, लेकिन निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है और जल्द पूरा कर लिया जाएगा।स्थानीय लोगों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और महिलाओं को हो रही है। कई बार दोपहिया वाहन फिसलने की स्थिति बन जाती है।

लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत तक नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इधर, रांची की मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में लोगों का आवागमन बाधित नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नगर निगम की टीम को मौके पर भेजकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों की आवाजाही सुरक्षित और सुचारु रखने के लिए तत्काल आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाएगा।

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