साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं।ताजा मामला मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र का है, जहां एसबीआई क्रेडिट कार्ड ब्लॉक होने और हेल्थ इंश्योरेंस शुल्क कटने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति से 3 लाख 43 हजार 370 रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसबीआई अधिकारी बनकर किया फोन
जानकारी के अनुसार कांटी थाना क्षेत्र के बंगरा चौपान निवासी शंकर ठाकुर के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एसबीआई क्रेडिट कार्ड कार्यालय का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताया।
ठग ने कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड पर हेल्थ इंश्योरेंस सेवा सक्रिय है और जल्द ही इसके नाम पर बड़ी राशि कटने वाली है। जब पीड़ित ने इस सेवा को बंद करने की इच्छा जताई तो आरोपी ने उन्हें अपने झांसे में ले लिया।
हासिल किया मोबाइल का नियंत्रण
साइबर ठग ने चार्ज रोकने के नाम पर पीड़ित से मोबाइल में एक संदिग्ध एप्लीकेशन डाउनलोड कराई। यह एक रिमोट एक्सेस ऐप था, जिसके जरिए अपराधियों ने मोबाइल स्क्रीन और ओटीपी सहित जरूरी जानकारियों तक पहुंच बना ली।
एप डाउनलोड होने के करीब आधे घंटे के भीतर ही पीड़ित के मोबाइल पर लगातार ट्रांजैक्शन के संदेश आने लगे। जब तक उन्होंने स्थिति समझी और कार्ड ब्लॉक कराया, तब तक ठग क्रेडिट कार्ड की लिमिट से 3.43 लाख रुपये निकाल चुके थे।
साइबर थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी
ठगी का पता चलते ही शंकर ठाकुर ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने मुजफ्फरपुर साइबर थाने में भी लिखित आवेदन दिया।
ट्रांजैक्शन की जांच में जुटी पुलिस
साइबर थाना पुलिस संदिग्ध मोबाइल नंबर, इस्तेमाल किए गए रिमोट एक्सेस ऐप और ट्रांजैक्शन आईडी के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

