इंतजार खत्म! महंत दीपेंद्र गिरि ने किया छड़ी मुबारक यात्रा 2026 का ऐलान, जानिए कब होगी पवित्र गुफा में अंतिम पूजा
श्री अमरनाथ जी की वार्षिक पवित्र छड़ी मुबारक यात्रा-2026 में शामिल होने का इंतजार कर रहे शिव भक्तों के लिए बड़ी खबर है। छड़ी मुबारक के महंत दीपेंद्र गिरि जी महाराज ने यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस बार यात्रा का शुभारंभ आषाढ़ पूर्णिमा से होगा और समापन पवित्र गुफा में श्रावण पूर्णिमा पर होगा।
जारी कार्यक्रम के अनुसार, पवित्र छड़ी मुबारक यात्रा का विधिवत शुभारंभ 29 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा यानी व्यास पूर्णिमा के पावन अवसर पर होगा। इस दिन पहलगाम में भूमि पूजन, नवग्रह पूजन और ध्वजारोहण की पारंपरिक रस्मों के साथ यात्रा की शुरुआत की जाएगी।
पहलगाम से शुभारंभ के बाद छड़ी मुबारक को श्रीनगर के प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। 12 अगस्त को पवित्र छड़ी मुबारक को ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर में ले जाया जाएगा, जबकि 13 अगस्त को शारिका भवानी मंदिर में पूजा-अर्चना होगी।
इसके बाद 15 अगस्त को श्री अमरेश्वर मंदिर स्थित दशनामी अखाड़ा, श्रीनगर में छड़ी स्थापना की पवित्र रस्म निभाई जाएगी। 17 अगस्त को नाग पंचमी के शुभ अवसर पर दशनामी अखाड़ा में ही पारंपरिक छड़ी पूजन का भव्य आयोजन होगा।
गुफा की ओर प्रस्थान: ये रहेगा पड़ावों का पूरा शेड्यूल
सभी पारंपरिक पूजाओं के बाद महंत दीपेंद्र गिरी जी महाराज पवित्र छड़ी मुबारक के साथ पवित्र गुफा के लिए रवाना होंगे। 22 अगस्त को वह पवित्र गुफा के लिए प्रस्थान करेंगे। यात्रा के दौरान पड़ावों का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:
- 22 और 23 अगस्त: पहलगाम में रात्रि पड़ाव
- 24 अगस्त: चंदनवाड़ी में पड़ाव
- 25 अगस्त: शेषनाग में पड़ाव
- 26 और 27 अगस्त: पंचतरणी में पड़ाव
यात्रा के अंतिम दिन 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के महापर्व पर पवित्र अमरनाथ गुफा में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं अंतिम दर्शन के साथ छड़ी मुबारक यात्रा संपन्न होगी।
महंत दीपेंद्र गिरि ने की श्रद्धालुओं से ये अपील
महंत दीपेंद्र गिरि जी ने जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर यात्रा की पारंपरिक व्यवस्था को यथावत बनाए रखने और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही यात्रा का संचालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने साधु-संतों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करने को कहा है।
उन्होंने यात्रा में शामिल होने के इच्छुक साधु-संतों और शिव भक्तों से अपील की है कि वे समय रहते अपना पंजीकरण करा लें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि केवल वैध यात्रा परमिट एवं पंजीकरण रखने वाले श्रद्धालु और साधु-संत ही छड़ी मुबारक के साथ यात्रा में शामिल हो सकेंगे।
साधु-संतों के लिए श्रीनगर में विशेष व्यवस्था
उधर, महादेव गिरि दशनामी अखाड़ा ट्रस्ट, श्रीनगर ने जानकारी दी है कि इस वर्ष भी देशभर से आने वाले साधु-संतों के ठहरने की पूरी व्यवस्था की गई है। बडशाह चौक स्थित अखाड़ा भवन में साधु-संतों के लिए भोजन, आवास और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

