ड्रेन सफाई के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप सामने आया है। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया है कि कई ड्रेनों में सिर्फ जेसीबी से तली की जुताई कर लाखों रुपये का भुगतान करा लिया गया, जबकि झाड़-झंखाड़ और गाद की समुचित सफाई नहीं कराई गई। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
सिंचाई खंड-2 प्रतापगढ़ की ओर से जून में क्षेत्र की 30 से अधिक छोटी ड्रेनों की खुदाई और सफाई का कार्य कराया गया था। आरोप है कि अधिकांश स्थानों पर केवल ड्रेन की तली पर जेसीबी चलाकर औपचारिकता पूरी कर दी गई और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये का भुगतान कराने की तैयारी कर ली गई।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार बलीपुर ड्रेन में केवल टेल हिस्से के लगभग 400 मीटर तक ही सफाई हुई, जबकि शेष हिस्से में बिना कार्य कराए ही भुगतान का दावा किया गया। जिन ड्रेनों में सफाई दिखाई गई, वहां भी दोनों किनारों पर झाड़ियां और खरपतवार जस के तस बने हुए हैं, जिससे जल निकासी प्रभावित हो रही है।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य ने क्या बताया?
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य उमाशंकर शुक्ल ने बताया कि सकतपुर ड्रेन में ठेकेदार ने जेसीबी से केवल तली की जुताई कर कार्य पूरा कर दिया। उन्होंने ठेकेदार से झाड़ियों की सफाई का आग्रह किया, लेकिन ठेकेदार ने कथित तौर पर कहा कि उन्हें केवल तली की सफाई के निर्देश मिले हैं।
शिकायत में जगतपुर, सकतपुर, बलीपुर, उसरहा, खारा, रतवलिया-मनुहार और नेरथुआ समेत करीब 30 छोटी ड्रेनों की सफाई के नाम पर 50 लाख रुपये से अधिक के सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

