गोरखपुर स्टेशन परिसर के सभी पार्किंग बंद, वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक

रेलवे स्टेशन परिसर में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। परिसर के अंदर सभी पार्किंग बंद कर दिए गए हैं। अब सिर्फ पीक एंड ड्राप वाले वाहनों को गेट नंबर पांच से प्रवेश मिलेगा। प्रवेश करने वाले वाहनों को रुकना नहीं होगा। उन्हें केवल यात्रियों को उतारना और बैठाना होगा।

इसके बाद गेट नंबर चार से निकास होगा। गेट नंबर एक, दो और छह को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। गेट नंबर तीन पहले से ही स्थायी रूप से बंद है। गेट नंबर सात से प्लेटफार्म नंबर एक पर जाने वाला रास्ता खुला रहेगा। यानी, गेट नंबर सात और प्लेटफार्म नंबर एक स्थित कैब-वे यात्रियों के लिए खुला है। यात्री निर्धारित शुल्क देकर कैब-वे में वाहन खड़ी कर सकते हैं।रेलवे स्टेशन के नवनिर्माण (पुनर्विकास) के चलते गेटों व पार्कों को बंद किया गया है। स्टेशन परिसर स्थित सभी पार्किंग तोड़े जाएंगे। उत्तरी द्वार की तरफ प्लेटफार्म नंबर नौ पर स्थित वाहन पार्किंग भी 13 जून से बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान वाहन से स्टेशन परिसर आवागमन करने वाले यात्रियों और रेलकर्मियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। शुक्रवार को गेटों के बंद होते ही यात्रियों की परेशानी बढ़ गई।
यात्री गेट पर ही उतरकर गर्मी और धूप में बैग, थैला और बच्चों को लेकर टिकट काउंटर हाल और प्लेटफार्म तक पहुंचे। महिला, बुजुर्ग, मरीज और बच्चों को परेशानी उठानी पड़ी। यह परेशानी आगे भी रहेगी। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होते ही स्टेशन परिसर में वाहनों से आवागमन सुगम हो जाएगा। रेलवे प्रशासन ने निर्माणाधीन मल्टी लेवल कार पार्किंग को खोलने की तैयारी तेज कर दी है। ग्राउंड फ्लोर पर जल्द ही मल्टी लेवल कार पार्किंग खुल जाएगी।

सिटी सेंटर के रूप में विकसित हो रहा गोरखपुर जंक्शन
50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर करीब 500 करोड़ रुपये से गोरखपुर जंक्शन का सिटी सेंटर के रूप में पुनर्विकास हो रहा है। जहां यात्रियों को एयरपोर्ट की तरह सभी उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रतिदिन एक लाख 80 हजार यात्री आवागमन कर सकेंगे। स्टेशन परिसर में वाहनों के आवागमन के लिए तीन लेन बनेंगे। एक लेन से यात्रियों को छोड़ने वाले वाहन प्रवेश करेंगे।

दूसरे लेन से यात्रियों को स्टेशन से ले जाने के लिए वाहन प्रवेश करेंगे। तीसरा लेन पैदल यात्रियों के आवागमन के लिए होगा। स्टेशन पहुंचकर रुकने वाले वाहनों के लिए मल्टी कार पार्किंग होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए कार पार्किंग के बगल में कामर्शियल कांप्लेक्स का भी निर्माण होगा। यात्री व स्टेशन पहुंचने वाले लोग मनमाफिक खरीददारी भी कर सकेंगे।

जंक्शन पर पूर्वोत्तर रेलवे का सबसे बड़ा कानकोर्स (प्लेटफार्म पर पहुंचने से पहले ट्रेनों की प्रतीक्षा करने वाला स्थान) भी बनेगा। प्लेटफार्म नंबर दो व नौ के बीच लगभग 120 मीटर लंबा और बीच वाले नए फुट ओवरब्रिज (एफओबी) और पूर्वी एफओबी के मध्य लगभग 72 मीटर चौड़ा 8640 वर्ग मीटर में कानकोर्स बनाने की तैयारी चल रही है।

बनने लगा ‘साउथ-वेस्ट बिल्डिंग’, बैठेंगे स्टेशन के अफसर
फर्स्ट क्लास गेट और एस्केलेटर के बीच ‘साउथ-वेस्ट बिल्डिंग’ का निर्माण शुरू हो गया है। इस बिल्डिंग में स्टेशन के अफसर और स्टेशन प्रबंधक आदि बैठेंगे। उत्तरी गेट (प्लेटफार्म नंबर नौ) पर ‘नार्थ ईस्ट बिल्डिंग’ के नाम से नया भवन बनेगा।

इस बिल्डिंग में अधिकारियों के कार्यालय बनेंगे। साथ ही कामर्शियल उपयोग भी होगा। सभी भवन सौर ऊर्जा से जगमगाएंगे। विद्युत के लिए अलग से सब स्टेशन भी बन रहा है। भवनों के चारों तरफ हरियाली होगी। सात जुलाई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुनर्विकास की आधारशिला रखी थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *