शहर के हृदय स्थल में स्थित आरएसबी इंटर विद्यालय परिसर में स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए एक अनूठी पहल की जा रही है।
नगर निगम की ओर से विद्यालय परिसर की अनुपयोगी भूमि पर एक आधुनिक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। विद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह निर्णय पूरी पारदर्शिता के साथ छात्र-छात्राओं के हित और आम नागरिकों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य विद्यालय के आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाना और राहगीरों को बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराना है।
चारदीवारी के पास गंदगी से मिलेगी मुक्ति
आरएसबी इंटर विद्यालय के प्रधानाचार्य डा. ललित कुमार घोष ने बताया कि विद्यालय रोड पर लंबे समय से कोई सार्वजनिक शौचालय या मूत्रालय की व्यवस्था नहीं थी।
इस वजह से राहगीर और आम लोग अक्सर विद्यालय की चारदीवारी के किनारे ही लघुशंका करने को मजबूर थे। इसके कारण पूरे क्षेत्र में अत्यधिक गंदगी और दुर्गंध फैली रहती थी।
इस मार्ग से गुजरने वाली छात्राओं, महिलाओं और स्थानीय निवासियों को हर दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस गंभीर समस्या को लेकर नगर निगम और विद्यालय प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
डबल गेट सिस्टम से छात्रों को सुरक्षा
स्थानीय लोगों और राहगीरों की इस परेशानी को देखते हुए नगर निगम की मेयर अनिता राम ने विद्यालय प्रशासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की मांग की थी। इसके बाद विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक बुलाई गई, जिसमें सुरक्षा और सुविधा के तमाम पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस शौचालय में ‘डबल गेट व्यवस्था’ (दो अलग-अलग प्रवेश द्वार) बनाने का निर्णय लिया गया है:
पहला प्रवेश द्वार: यह द्वार सीधे मुख्य सड़क की ओर खुलेगा, जिससे राहगीर और आम नागरिक विद्यालय परिसर में प्रवेश किए बिना इस सुविधा का उपयोग कर सकेंगे।
दूसरा प्रवेश द्वार: यह द्वार विद्यालय परिसर के अंदर की तरफ होगा, जिससे छात्र-छात्राएं पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में इसका लाभ उठा सकेंगे।
प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया कि इस दोहरी व्यवस्था से स्कूल की सुरक्षा और अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा, जबकि क्षेत्र को गंदगी से स्थायी मुक्ति मिल जाएगी।
भ्रामक खबरों पर मेयर ने दी सफाई
नगर निगम की मेयर अनिता राम ने इस परियोजना को लेकर कहा कि यह पूरी तरह से जनोपयोगी और आधिकारिक योजना है। विद्यालय की जिस जमीन का कोई उपयोग नहीं हो रहा था, उसे छात्रों और जनता के हित में बदला जा रहा है। उन्होंने कुछ स्तरों पर फैलाई जा रही अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि गलत तथ्यों के आधार पर भ्रम फैलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।


