‘बच्चों पर प्रेशर बढ़ेगा’, नीट रिएग्जाम के इंतजामों पर अन्नामलाई ने उठाए सवाल; BJP ने किया पलटवार

बीजेपी के पूर्व नेता के. अन्नामलाई ने मंगलवार को 21 जून को होने वाले NEET-UG री-टेस्ट के लिए की गई व्यापक सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हालांकि पेपर लीक रोकने की कोशिशें स्वागत योग्य हैं, लेकिन परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले कड़ी जांच-पड़ताल से छात्रों में तनाव और घबराहट बढ़ सकती है।

शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा के लिए कड़े सुरक्षा नियम लागू किए हैं। इनमें सीआरपीएफ और सीआईएसएफ की दो-स्तरीय सुरक्षा, भारतीय वायु सेना द्वारा एयरलिफ्ट की व्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस चार-स्तरीय सीसीटीवी निगरानी, अंदर जाने से पहले बायोमेट्रिक और फेशियल रिकग्निशन जांच, कई स्तरों पर तलाशी और प्रधानमंत्री कार्यालय से सीधी निगरानी शामिल है।

‘छात्रों पर बढ़ जाएगा प्रेशर’

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के पूर्व नेता ने कहा कि परीक्षा का कुल समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट करने से परीक्षा का दबाव और बढ़ेगा।

उन्होंने एक्स पर लिखा, “पेपर लीक रोकने के लिए सरकार की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा उपाय और बेहतर निगरानी लागू करने की हर छात्र तारीफ करेगा। लेकिन एंट्री से पहले ज्यादा जांच-पड़ताल, ज्यादा देर तक तलाशी और परीक्षा का कुल समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट करने से छात्रों पर परीक्षा का जो दबाव पहले से ही बहुत ज्यादा है, वह और बढ़ जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “हालांकि सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन वे उस अतिरिक्त बोझ को भूल गए हैं जो उन्होंने एक युवा छात्र पर परीक्षा से पहले डाला है एक ऐसी परीक्षा जिसके लिए उसने महीनों तैयारी की है। इससे हमारी परीक्षा प्रणाली का मूल उद्देश्य और NEP 2020 का ‘परीक्षा के तनाव’ को कम करने का लक्ष्य ही खत्म हो जाता है।”

‘तय किए गए टारगेट हो सकते हैं कमजोर’

अन्नामलाई ने आगे कहा कि भले ही सरकार ने पेपर लीक को रोकने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन छात्रों पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ देश की परीक्षा प्रणाली के मकसद और ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ में परीक्षा से जुड़े तनाव को कम करने के लिए तय किए गए लक्ष्यों को कमजोर कर सकता है।

अन्नामलाई ने एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में छात्रों को आ रही दिक्कतों की ओर भी ध्यान दिलाया और बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उम्मीदवारों को भरोसा दिलाया है कि इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, “ऐसी चुनौतियां हैं जिनके लिए सार्थक समाधान की जरूरत है। हालांकि, मुझे चिंता है कि NEET के दोबारा टेस्ट के लिए जो तरीका अपनाया गया है, उससे शायद समस्या हल न हो। बल्कि, इससे नई समस्याएं पैदा होने का खतरा है।”

बीजेपी ने किया पलटवार

बीजेपी नेता विनोद सेल्वम ने पलटवार करते हुए कहा कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और सिक्योरिटी चेक किसी भी गंभीर और बड़े पैमाने पर होने वाली परीक्षा में आम प्रक्रियाएं हैं। बीजेपी नेता ने चीन की ‘गाओकाओ’ (Gaokao) परीक्षा का उदाहरण दिया, जो एक बहुत ही प्रतिस्पर्धी और स्टैंडर्डाइज्ड नेशनल कॉलेज एंट्रेंस एग्जामिनेशन (NCEE) है, जिसमें यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए स्कोर ही एकमात्र आधार होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *