पूर्वी क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति (ईआरपीसीसी) की मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक हुई। इस बैठक में झारखंड से डीजीपी तदाशा मिश्रा के अलावा बंगाल, बिहार, ओडिशा व छत्तीसगढ़ के डीजीपी शामिल हुए।
सभी शामिल डीजीपी ने तय किया कि वे अंतरराज्यीय अपराध, माओवाद, ड्रग्स तस्करी, साइबर अपराध के विरुद्ध आपसी समन्वय से शिकंजा कसेंगे। रेलवे सुरक्षा व जीरो एफआइआर व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों की वर्तमान सुरक्षा स्थिति व विभिन्न चुनौतियों से अवगत कराते हुए बताया कि झारखंड-ओडिशा, झारखंड-बंगाल, झारखंड-छत्तीसगढ़ व झारखंड-बिहार सीमावर्ती क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संयुक्त अभियान आवश्यक है।
इसके लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान तथा सभी स्तरों पर नियमित समन्वय बैठकें हों, ताकि माओवादी गतिविधियों के पुनर्संगठन की किसी भी संभावना को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
मादक पदार्थ के नियंत्रण के लिए सीमावर्ती राज्यों के बीच संयुक्त चेक पोस्ट व नाकाबंदी, रियल-टाइम सूचना साझा करने, तस्करी नेटवर्क की बैकवर्ड व फारवर्ड लिंकिंग की जांच आवश्यक है। बैठक में नार्को को-आर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) पोर्टल का प्रभावी उपयोग व सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई पर विशेष बल दिया गया।
साइबर अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में रियल टाइम डेटा शेयरिंग, अंतरराज्यीय अनुसंधान एवं जांच में सहयोग, फर्जी सिम कार्ड एवं म्यूल अकाउंट्स के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, त्वरित लाजिस्टिक एवं फील्ड सपोर्ट तथा संयुक्त क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को नियमित रूप से संचालित करने पर सहमति बनी है।
मौके पर पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा के साथ आइजी सीआइडी असीम विक्रांत मिंज, आइजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह, डीआइजी जैप कार्तिक एस., डीआइजी विशेष शाखा नौशाद आलम, एसपी विशेष्ज्ञ शाखा हरविंदर सिंह, एसपी अभियान दीपक कुमार शर्मा व एसपी विशेष शाखा सौरभ उपस्थित थे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

