जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश आतंक और हिंसा के खिलाफ एकजुट है और सरकार निर्दोष लोगों की सुरक्षा और पीड़ा को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाने कहा, ‘एक साल बाद भी हम आतंक और हिंसा के खिलाफ एकजुट हैं। हम जम्मू-कश्मीर को पीड़ा और निर्दोष मौतों से मुक्त करने के अपने संकल्प पर अडिग हैं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि ऐसा फिर कभी न हो। हम उस कायरतापूर्ण हमले में एक साल पहले अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के साथ सदैव एकजुटता में खड़े हैं। ईश्वर करे कि आतंकी हमले के पीड़ितों की आत्माओं को शांति मिले।’
आज पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी है। पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिसमें आतंकियों ने नाम पूछकर लोगों को निशाना बनाया था। जिसके बाद सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया।
भारतीय सेना ने भी पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ का संकल्प दोहराया है। सेना ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि भारत के खिलाफ हर दुस्साहस का जवाब निर्णायक होगा।


