2500 करोड़ की परैया-चतरा रेल परियोजना; बिहार-झारखंड के बीच मजबूत होंगे आर्थिक रिश्ते, परिवहन होगा आसान

 गया-पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलखंड पर स्थित परैया स्टेशन से झारखंड के चतरा तक नई रेललाइन निर्माण परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है।

जानकारी के अनुसार लगभग 2500 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर राजपत्र में अधिसूचना भी प्रकाशित कर दी गई है।

इस घोषणा के बाद परैया बाजार सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि यह रेल परियोजना क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

प्रस्तावित रेललाइन परैया से होकर बोधगया और शेरघाटी के रास्ते चतरा तक जाएगी। इससे पहली बार विश्व प्रसिद्ध बौद्ध पर्यटन स्थल बोधगया को नई रेल कनेक्टिविटी मिलने की संभावना बढ़ गई है।

व्यापार और उद्योग को मिलेगा नया आधार

अजमतगंज पंचायत के मुखिया सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि परैया-चतरा रेललाइन की स्वीकृति क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है।

इससे व्यापार, उद्योग, रोजगार और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। साथ ही बिहार और झारखंड के बीच सामाजिक और आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।

सीमेंट व्यवसायी पवन कुमार ने बताया कि इस रेललाइन के शुरू होने से झारखंड और बिहार के बीच कोयला, खनिज और खाद्यान्न के परिवहन में काफी सुविधा होगी।

इससे परैया जैसे पिछड़े क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आसपास के इलाकों का तेजी से विकास होगा।

उन्होंने कहा कि भविष्य में परैया जंक्शन के रूप में विकसित हो सकता है, जिससे कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव संभव होगा।

इससे होटल, लॉज, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े नए व्यवसाय विकसित होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

पर्यटन और सामाजिक जुड़ाव को मिलेगा बढ़ावा

किसान डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि यह रेललाइन पहली बार बोधगया जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल को सीधे जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। रेल जैसी सस्ती और नियमित परिवहन सुविधा मिलने से आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना से बिहार और झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के बीच आपसी संपर्क और सामाजिक सौहार्द बढ़ेगा।

वहीं ग्रामीण कृष्णा ठाकुर ने कहा कि यह रेल परियोजना केवल यातायात तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि व्यवसाय, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खोलेगी।

इससे दोनों क्षेत्रों की सभ्यता और संस्कृति का आदान-प्रदान बढ़ेगा तथा युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

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