भूकंप ने हिलाया Raj Kapoor और Dilip Kumar का पुश्तैनी घर, 100 साल पुरानी हवेली ढहने की कगार पर; मिली चेतावनी

हेरिटेज विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों ने रविवार को बताया कि पेशावर में मशहूर भारतीय अभिनेताओं दिलीप कुमार और राज कपूर के पुश्तैनी घर कभी भी ढह सकते हैं। पाकिस्तान में हाल ही में आए भूकंप के बाद, बारिश से बुरी तरह प्रभावित ये इमारतें अब और भी ज्यादा कमजोर हो गई हैं।

2016 में नेशनल हैरिटेज हुए घोषित

उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी में स्थित इन दोनों घरों को पाकिस्तान सरकार ने 2016 में ‘राष्ट्रीय धरोहर’ घोषित किया था। मॉनसून से पहले की बारिश और बरसात का मौसम बस कुछ ही हफ्ते दूर है, ऐसे में विशेषज्ञों ने सरकार का ध्यान इन इमारतों की उपेक्षित हालत की ओर खींचा है और इन ऐतिहासिक इमारतों के तत्काल संरक्षण की मांग की है।

100 साल पुरानी है कपूर हवेली

Raj Kapoor की ये हवेली पेशावर की वास्तुकला का कभी एक नायाब नमूना रही, किस्सा ख्वानी बाजार के ढाकी नालबंदी इलाके में स्थित सौ साल पुरानी ‘कपूर हवेली’ को लगातार बारिश के कारण ढांचागत नुकसान पहुंचा है, जिससे इमारत कमजोर हो गई थी; वहीं 3 अप्रैल को आए भूकंप के झटकों ने इसकी पहले से ही जर्जर हालत को और भी ज्यादा अस्थिर कर दिया।

दिलीप कुमार का घर बना खंडहर!

दिलीप कुमार (Dilip Kumar) का घर एक ठेठ पेशावरी इमारत जो कभी त्यौहारों की रौनक से गूंजती थी, लेकिन अब एक वीरान खंडहर जैसी दिखती है। यह मोहल्ला खुदादाद इलाके में स्थित है। यह इमारत बेहद ही चिंताजनक हालत में है; इसके कई कमरों की छतें पहले ही ढह चुकी हैं, और हर बारिश के साथ इसकी दीवारें टूटकर मलबे में तब्दील होती जा रही हैं।

गैर-लाभकारी संस्था ‘कल्चरल हेरिटेज काउंसिल, KPK’ के सचिव शकील वहीदुल्ला ने PTI को बताया कि सरकार ने ऐतिहासिक इमारतों को संरक्षित करने के बजाय, उन्हें ऐसे ही छोड़ दिया है, जिससे वे तेजी से खराब हो रही हैं। साल 2021-22 में, खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने दोनों पुश्तैनी घरों को खरीदने के लिए 2.35 करोड़ PKR जारी करने की मंजूरी दी थी, और यह निर्देश दिया था कि खरीद के बाद पुरातत्व विभाग उन्हें संग्रहालय में बदल दे।

मूल निवासियों ने बताई हालत

स्थानीय निवासियों और विरासत संरक्षण कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब इन घरों को सिर्फ सरकारी बयानों की नहीं, बल्कि तत्काल मरम्मत के प्रयासों की जरूरत है। राज कपूर की हवेली के पास एक प्रिंटिंग की दुकान चलाने वाले आबिद हुसैन ने इमारत की जर्जर हालत पर चिंता जाहिर की। हुसैन ने कहा, ‘हाल के महीनों में भारी बारिश और भूकंप के तेज झटकों ने इमारत की संरचना को काफी कमजोर कर दिया है, जिससे इसकी दीवारों और नींव में गहरी दरारें पड़ गई हैं; ये दरारें किसी भी पल किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं’।

कपूर हवेली, कपूर परिवार के पहले सदस्य पृथ्वीराज कपूर (Prithviraj Kapoor) का घर थी, जिन्होंने फिल्म जगत में कदम रखा था। इस घर का निर्माण उनके पिता, दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने 1918 से 1922 के बीच करवाया था। राज कपूर और उनके चाचा त्रिलोक कपूर का जन्म इसी घर में हुआ था।

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